कुट्टू आटे की कचौड़ी बनी जहरीली, एक परिवार के 6 लोग बीमार, बच्चे की हालत गंभीर

बरेली के सुभाषनगर इलाके में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बनी कचौड़ी खाना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। गंगानगर कॉलोनी में रहने वाले एक ही परिवार के छह सदस्य फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें एक मासूम बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, गंगानगर निवासी भगवान दास के बेटे हेमराज ने पास की दुकान से कुट्टू का आटा खरीदा था। घर पर उसी आटे से कचौड़ी और आलू की सब्जी तैयार की गई। रात में परिवार के सभी सदस्यों ने भोजन किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही सभी को उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन घबराए और सभी को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने सभी को भर्ती कर इलाज शुरू किया।
अस्पताल में भर्ती मरीजों में भगवान दास, उनकी पत्नी अखिलेशा, बेटे हिमांशु (18), वीर (5), बेटी अनुष्का (13) और भतीजा सुखदीप (18) शामिल हैं। इनमें से 5 वर्षीय वीर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए बच्चा वार्ड में शिफ्ट किया गया है। बाकी मरीजों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
प्राथमिक जांच में कुट्टू के आटे को फूड पॉइजनिंग की वजह माना जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आटा खराब था या उसमें किसी प्रकार की मिलावट थी।
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में बिकने वाले आटे की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।






