Dadri Rally: अखिलेश यादव का शक्ति प्रदर्शन, पीएम मोदी की रैली पर उठाए सवाल
दादरी: समाजवादी पार्टी ने दादरी में ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली के जरिए अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए आगामी चुनावी माहौल में सियासी तापमान बढ़ा दिया। इस दौरान पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंच से भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और कई अहम मुद्दों पर सवाल खड़े किए।
रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी संसाधनों और कर्मचारियों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दादरी में आयोजित सपा की रैली में उमड़ी भीड़ कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनसमर्थन को दर्शाती है, जहां पूरे पंडाल में पार्टी के झंडों का लाल रंग दिखाई दे रहा था।
उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सपा नेता राजकुमार भाटी की सराहना करते हुए कहा कि इस रैली की गूंज से विपक्षी दल असहज हो गए हैं। बिना सीधे नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों ने दबाव में आकर पहले रैली आयोजित की, लेकिन वहां भीड़ स्वाभाविक नहीं थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज के दौर में कैमरों के बीच सच्चाई छिपाना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाले दल को भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर छात्रों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दी गई।
अपने संबोधन में सपा प्रमुख ने राज्य सरकार के विकास दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया था, उनमें से कई बंद हो चुके हैं और नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी यह आशंका बनी रहती है कि कहीं उन्हें निजी हाथों में न सौंप दिया जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उद्घाटन के समय कम से कम यह भरोसा दिया जाना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग पहले नोएडा आने से कतराते थे, वे अब वहां कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने नोएडा और दिल्ली को जोड़ने के लिए मेट्रो जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू कीं और क्षेत्रीय विकास को गति दी।
सपा प्रमुख ने अंत में कहा कि मौजूदा सरकार के पास अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए ठोस आधार नहीं है, इसलिए वह इस तरह के मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।






