30 मिनट की बारिश में अंधेरे में डूबा शहर, बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा… उपकेंद्रों पर हंगामा

30 मिनट की बारिश में अंधेरे में डूबा शहर, बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा… उपकेंद्रों पर हंगामा
25 उपकेंद्र ठप, 12 लाख आबादी बेहाल… हरुनगला उपकेंद्र पर बवाल के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा
बरेली। तेज आंधी और बारिश ने सिर्फ पेड़ और खंभे ही नहीं गिराए, बल्कि शहर की बिजली व्यवस्था की पूरी हकीकत भी सामने ला दी। महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के 25 बिजली उपकेंद्र ठप पड़ गए और करीब 12 लाख लोग घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। दिनभर बिजली बहाल न होने से लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। हरुनगला उपकेंद्र पर भारी भीड़ जमा हो गई, जहां कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर लाठी पटककर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
30 मिनट की बारिश ने बिगाड़ दी पूरी व्यवस्था
मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह बिजली के जंफर उड़ गए, तार टूटकर सड़कों पर गिर पड़े और पेड़ विद्युत लाइनों पर आ गिरे। देखते ही देखते शहर के कई हिस्सों की सप्लाई ठप हो गई।
हरुनगला उपकेंद्र से जुड़े पवन विहार, फाइव एन्क्लेव, तुलसी नगर, ग्रीन पार्क, जागेश्वर नगर, यूनिवर्सिटी क्षेत्र समेत करीब 16 मोहल्लों की बिजली मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे से बंद हो गई। दिन ढलने लगा लेकिन बिजली बहाल नहीं हो सकी। उमस और गर्मी से परेशान लोग बार-बार बिजली विभाग के नंबर मिलाते रहे, लेकिन कहीं संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
“बिजली कब आएगी?”… जवाब नहीं मिला तो फूटा गुस्सा
रात तक बिजली न आने पर लोगों का सब्र जवाब दे गया। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी हरुनगला उपकेंद्र पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का आरोप था कि विभाग हर बार आंधी और बारिश का बहाना बनाकर घंटों सप्लाई बाधित रखता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई काम नहीं किया जाता।
हंगामे के दौरान कर्मचारियों और लोगों के बीच तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक माहौल इतना गर्म हो गया कि धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। एक कर्मचारी के साथ मारपीट की सूचना भी सामने आई। डर और तनाव के बीच कुछ कर्मचारी उपकेंद्र छोड़कर बाहर निकल गए।
पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ हटाई
उपकेंद्र पर बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस को लाठी पटककर लोगों को खदेड़ना पड़ा। इसके बाद स्थिति किसी तरह नियंत्रण में आई।
छात्रों का भी फूटा गुस्सा, वीसी आवास पर प्रदर्शन
बिजली संकट का असर पढ़ाई पर भी पड़ा। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से परेशान छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यूनिवर्सिटी क्षेत्र में छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर पहुंचकर बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना था कि परीक्षाओं और पढ़ाई के समय लगातार बिजली कटौती से भारी दिक्कत हो रही है।
सवालों के घेरे में बिजली विभाग की तैयारी
हर साल आंधी और बारिश के दौरान शहर में बिजली संकट खड़ा हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद विभागीय तैयारियां सवालों के घेरे में रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर तार, पुराने खंभे और समय पर पेड़ों की छंटाई न होना हर बार बड़े संकट की वजह बनता है।
लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की बिजली व्यवस्था मौसम की पहली तेज आंधी भी नहीं झेल पा रही। वहीं विभागीय अधिकारी लगातार फॉल्ट सुधारने और सप्लाई सामान्य करने का दावा कर रहे हैं।
अभी और परेशानी की आशंका
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में बिजली विभाग की चुनौती और बढ़ सकती है। शहरवासी अब यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर हर साल आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।






