बरेली में ऑनलाइन सट्टा एप गिरोह का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार; सरगना फरार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग सट्टा एप के जरिए देशभर में ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि साइबर क्राइम थाना प्रभारी डीके शर्मा की टीम ने कार्रवाई करते हुए नवाबगंज निवासी सूर्या पटेल और भुता क्षेत्र के विनीत को गिरफ्तार किया है। दोनों को मीडिया के सामने पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह के सदस्य हैं, जिसका संचालन शिवम नाम का व्यक्ति करता है। शिवम इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अहलादपुर का रहने वाला बताया जा रहा है और फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ‘महाकाल’, ‘महादेव’ और ‘एसआरएस पटेल’ नाम से फर्जी गेमिंग एप तैयार किए थे। इन एप के माध्यम से लोगों को जोड़कर उन्हें आईडी उपलब्ध कराई जाती थी और क्रिकेट मैचों पर सट्टा खिलवाया जाता था। इस अवैध कारोबार में रोजाना दो से ढाई लाख रुपये तक के दांव लगाए जाते थे।
एसपी क्राइम ने बताया कि गिरोह शुरुआत में कुछ लोगों को जीत की रकम देकर भरोसा बनाता था, लेकिन जब कोई व्यक्ति बड़ी राशि जीतता था, तो उसका भुगतान रोक दिया जाता था। इस तरह आरोपियों ने कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी की।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरोह का सरगना शिवम वर्ष 2022 से इस अवैध गतिविधि में सक्रिय है और एनसीआरबी की वेबसाइट पर उसके खिलाफ करीब 15 मामले दर्ज हैं।
साइबर थाना पुलिस ने ‘प्रतिबिंब’ एप के माध्यम से आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उनके कब्जे से कई आधार कार्ड, फर्जी आईडी, क्यूआर कोड और ठगी से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार सरगना की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।






