बरेली में प्रीपेड स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता परेशान, रिचार्ज के बाद भी कट रही बिजली

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत के बजाय परेशानी का सबब बनती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि रिचार्ज करने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
विद्युत विभाग की ओर से बकाया वसूली के उद्देश्य से लागू की गई इस व्यवस्था में माइनस बैलेंस होते ही बिजली स्वतः कट जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि रिचार्ज करने के बाद भी तुरंत कनेक्शन बहाल नहीं होता और दोबारा अधिक राशि जमा करनी पड़ती है। इस दौरान पुराने बकाए को भी एडजस्ट कर लिया जाता है।
विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मोबाइल पर नियमित रूप से खपत और बैलेंस की जानकारी मिलती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यूपीपीसीएल स्मार्ट एप पर समय पर अपडेट नहीं मिलते और कई बार चार-चार दिन बाद अचानक बैलेंस कम होने का संदेश दिखाई देता है।
बरेली में अब तक करीब 1.14 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं के पास पहले पोस्टपेड स्मार्ट मीटर थे, उन्हें भी प्रीपेड सिस्टम में बदल दिया गया है। सबसे ज्यादा परेशानी इन्हीं उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि माइनस बैलेंस होने पर रिचार्ज करने के बावजूद बिजली बहाल नहीं होती और उन्हें कंट्रोल रूम व हेल्पडेस्क के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मामलों में शिकायत दर्ज कराने के बाद ही कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रिचार्ज की गई राशि से पहले पुराने बकाया का समायोजन किया जाता है, जिसके चलते उपभोक्ताओं को अपेक्षा से अधिक रिचार्ज करना पड़ता है। हालांकि, यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से समझ नहीं आ पा रही है।
पढ़े-लिखे उपभोक्ता किसी तरह स्मार्ट एप का उपयोग कर स्थिति समझ लेते हैं, लेकिन कम पढ़े-लिखे और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था और भी जटिल हो गई है।
वहीं, विभाग का कहना है कि शुरुआती दौर में सर्वर से जुड़ी कुछ समस्याएं थीं, जिन्हें अब काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। रामपुर गार्डन स्थित कार्यालय में सात हेल्पडेस्क बनाए गए हैं, जहां उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर और एप के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, कैंप लगाकर लोगों को डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य अभियंता (नगरीय क्षेत्र) ज्ञान प्रकाश का कहना है कि व्यवस्था में बदलाव के साथ उपभोक्ताओं को भी जागरूक होना होगा, ताकि वे नई प्रणाली का सही तरीके से उपयोग कर सकें।






