बरेली पासपोर्ट कार्यालय को फिर बम की धमकी, दूसरी बार भी फर्जी निकला ई-मेल

रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली
बरेली स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए एक ई-मेल में दोपहर 2 बजे जहरीली गैस से भरे बम के विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद यह धमकी भी पहले की तरह पूरी तरह फर्जी साबित हुई।
सूचना मिलते ही हरकत में आईं सुरक्षा एजेंसियां
ई-मेल की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। प्रेमनगर थाना पुलिस के साथ-साथ एलआईयू, एटीएस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा।
पूरे पासपोर्ट कार्यालय परिसर की गहन तलाशी ली गई। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया गया। कई घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
पहले भी मिल चुकी है इसी तरह की धमकी
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 27 मार्च को भी इसी तरह का एक धमकी भरा ई-मेल मिला था, जिसमें दोपहर 2 बजे बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई खतरा सामने नहीं आया था।
लगातार दूसरी बार एक ही समय और लगभग समान पैटर्न में मिली धमकी ने एजेंसियों की सतर्कता को और बढ़ा दिया है। इसे एक सुनियोजित शरारत या साइबर धमकी की श्रृंखला के रूप में देखा जा रहा है।
ई-मेल में विवादित मामलों का जिक्र
धमकी भरे ई-मेल में प्रेषक ने दक्षिण भारत से जुड़े कुछ चर्चित मामलों का हवाला देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। संदेश में बांग्लादेश के अबू सईद प्रकरण, तमिलनाडु के साथनकुलम कस्टोडियल डेथ केस (बेनिक्स और जयराज) और अन्य हिरासत मामलों का उल्लेख किया गया।
ई-मेल में दावा किया गया कि कुछ अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाए गए हैं और इसी के विरोध में पासपोर्ट कार्यालयों व डाकघरों को निशाना बनाने की बात कही गई।
सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर अलर्ट
घटना के बाद प्रशासन ने केवल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के सभी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) को भी हाई अलर्ट पर रखा है।
सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के स्रोत की तकनीकी जांच में जुटी हैं। साइबर सेल इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ई-मेल कहां से और किसने भेजा।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर जांच की गई है। फिलहाल किसी भी प्रकार का खतरा सामने नहीं आया है।
अधिकारियों के अनुसार, “सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर टीम लगातार काम कर रही है।”
बढ़ती चुनौती और असर
लगातार फर्जी धमकियों के चलते सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। हर बार बड़े स्तर पर संसाधनों को सक्रिय करना पड़ता है, जिससे प्रशासनिक दबाव बढ़ता है।
साथ ही, इस तरह की घटनाएं आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर इसके पीछे के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।






