ड्राइवर और मालियों को भी थमा दी जनगणना की जिम्मेदारी, भड़के कर्मचारियों ने नगर निगम में किया हंगामा।

ड्राइवर और मालियों को भी थमा दी जनगणना की जिम्मेदारी, भड़के कर्मचारियों ने नगर निगम में किया हंगामा।
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल | LIVE BHARAT TV
बरेली। नगर निगम के कम पढ़े-लिखे और अशिक्षित कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने का मामला गुरुवार को तूल पकड़ गया। सफाई कर्मचारियों, ड्राइवरों और मालियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप था कि जिन लोगों को ठीक से पढ़ना-लिखना तक नहीं आता, उनसे जनगणना जैसा तकनीकी काम कराया जा रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
“हमसे नहीं होगा इतना मुश्किल काम”
उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम प्रशासन ने बिना योग्यता देखे जनगणना की ड्यूटी थमा दी। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि सफाई कर्मियों, मालियों और ड्राइवरों का मूल काम अलग है, लेकिन उनसे टैबलेट और फॉर्म भरवाने जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। इससे कर्मचारी मानसिक दबाव में हैं और गलती होने का डर बना हुआ है।
नगर निगम परिसर में नारेबाजी, अफसरों के फूले हाथ-पांव
जैसे ही कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में धरना देकर नारेबाजी शुरू की, अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर नगर आयुक्त, पर्यावरण अभियंता और मुख्य सफाई निरीक्षक मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जिन कर्मियों की शैक्षिक योग्यता बेहद कम है, उन्हें जनगणना कार्य में लगाने का फैसला पूरी तरह अव्यवहारिक है।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
काफी देर चली वार्ता के बाद अपर नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि हाईस्कूल से कम शिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में नहीं लगाई जाएगी। प्रशासन के इस भरोसे के बाद कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान देवदास चौहान, रघुनंदन उर्फ पंकज, राजेश कुमार, ठाकुर किशन पाल, सुरेश शिंदे, महक सिंह, नेकपाल सिंह और राजेंद्र कुमार समदर्शी समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।






