मनौना मंदिर से मासूम के अपहरण का खुलासा: प्रेमिका के शौक पूरे करने के लिए बना ‘बच्चा चोर’, दिल्ली तक फैला नेटवर्क

मनौना मंदिर से मासूम के अपहरण का खुलासा: प्रेमिका के शौक पूरे करने के लिए बना ‘बच्चा चोर’, दिल्ली तक फैला नेटवर्क
लखीमपुर खीरी के सरगना से जुड़े तार, 60 हजार में बच्चे को बेचने की थी तैयारी
पुलिस मुठभेड़ के बाद मासूम ऋषभ सकुशल बरामद, दो आरोपी जेल भेजे गए
बरेली। आंवला क्षेत्र के मनौना स्थित खाटू श्याम मंदिर परिसर से डेढ़ वर्षीय मासूम ऋषभ के अपहरण मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पूछताछ में पता चला है कि बच्चा चोरी करने वाले आरोपियों के तार लखीमपुर खीरी और दिल्ली तक जुड़े हुए हैं। पुलिस ने शाहजहांपुर निवासी योगेश कन्नौजिया और उसके साथी पवन चंदेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गिरोह के कथित सरगना उत्तम सिंह की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह छोटे बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को मोटी रकम में बेचने का धंधा करता था।
प्रेमिका के शौक पूरे करने के लालच में बना अपराधी
पूछताछ में आरोपी योगेश कन्नौजिया ने बताया कि वह एमएससी नर्सिंग करने के बाद पिछले चार वर्षों से मेडिकल कॉलेज और बंथरा के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसकी मुलाकात लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम सिंह से हुई, जो इलाज के सिलसिले में अस्पताल आया था।
धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। उत्तम सिंह ने योगेश को बताया कि वह छोटे बच्चों को ऐसे अमीर परिवारों तक पहुंचाता है जिनके बच्चे नहीं होते। इसके बदले मोटी रकम मिलती है। योगेश ने पुलिस को बताया कि प्रेमिका के महंगे शौक पूरे करने और जल्दी पैसा कमाने के लालच में वह इस धंधे में शामिल हो गया।
इसके बाद उसने अपने दोस्त पवन चंदेल को भी इस साजिश में शामिल किया। दोनों ने तय किया कि बच्चा बेचने पर मिलने वाली रकम बराबर बांटी जाएगी।
पहले की रेकी, फिर मंदिर से किया अपहरण
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कई दिनों से छोटे बच्चे की तलाश में मंदिरों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूम रहे थे। 23 मई को दोनों पहली बार मनौना स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर परिसर के पीछे बने झोपड़ीनुमा आवास में खेल रहे बच्चों को देखा।
सफाईकर्मी रमन का छोटा बेटा ऋषभ उन्हें पसंद आ गया। अगले दिन सुबह दोनों फिर मंदिर पहुंचे और बच्चों को टॉफी व पैसे देकर बहला लिया। दोनों बड़े बच्चों को खीरा खाने के लिए देकर अलग किया गया, जबकि मासूम ऋषभ को गोद में उठाकर आरोपी बाइक से फरार हो गए।
भागते समय हादसा, बच्चे के सिर पर आई चोट
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बच्चे को लेकर भागते समय उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में दोनों आरोपियों के साथ मासूम ऋषभ को भी चोट लगी। बच्चे के सिर में चोट आने पर आरोपियों ने उसका इलाज कराकर पट्टी तक बंधवाई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चे को लेकर फुलासी मार्ग से दिल्ली जाने की तैयारी में थे, जहां सरगना उत्तम सिंह उनसे मिलने वाला था। बच्चे को 60 हजार रुपये में बेचने की डील तय हुई थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
बेटे को सकुशल देखकर रो पड़े माता-पिता
मासूम ऋषभ के सकुशल मिलने के बाद परिवार की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पिता रमन ने भावुक होकर कहा कि बेटे के लापता होने के बाद से घर में चूल्हा तक नहीं जला था। उन्होंने बरेली पुलिस और सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब परिवार को राहत मिली है।
दिल्ली तक फैले नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस अब गिरोह के सरगना उत्तम सिंह और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। आशंका है कि यह गिरोह पहले भी कई बच्चों की खरीद-फरोख्त कर चुका है। पुलिस संभावित खरीदारों और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल, बरेली / LIVE BHARAT TV






