ग्लेन कैंसर सेंटर पर बढ़ीं मुश्किलें, डॉक्टर और नर्सों पर FIR के बाद अब अवैध संचालन और बायोमेडिकल वेस्ट जांच की तैयारी

ग्लेन कैंसर सेंटर पर बढ़ीं मुश्किलें, डॉक्टर और नर्सों पर FIR के बाद अब अवैध संचालन और बायोमेडिकल वेस्ट जांच की तैयारी
बरेली। पीलीभीत बाइपास स्थित ग्लेन कैंसर सेंटर की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। मरीज के तीमारदारों से अभद्रता, मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप में डॉक्टर और दो नर्सों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब अस्पताल के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में कई आवश्यक सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने की चर्चा है, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
बारादरी थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर कई शिकायतें सामने आई हैं। सूत्रों का दावा है कि अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूर्व में कई बार अस्पताल से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को सड़क किनारे और नालियों में फेंके जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह विभागीय जांच का विषय है, लेकिन घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के लाइसेंस, फायर एनओसी, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की तैयारी की जा रही है। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि सतीपुर चौराहा निवासी कशिश और उदयलता की शिकायत पर एसएसपी के आदेश से डॉक्टर नितिन गंगवार और दो नर्सों संगीता व निधि के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मरीज की छुट्टी में जानबूझकर देरी की गई और विरोध करने पर अस्पताल स्टाफ ने अभद्रता, मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी की।
अब पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की निगाहें ग्लेन कैंसर सेंटर की ओर मोड़ दी हैं। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।





