सथरापुर प्लांट से बदलेगी बरेली की तस्वीर, जुलाई से शुरू होगा 500 टन कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण
शहर की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है

बरेली। शहर की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से प्रस्तावित सथरापुर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र अब जुलाई से संचालन के लिए तैयार हो रहा है। इस अत्याधुनिक प्लांट के शुरू होते ही बरेली नगर निगम क्षेत्र से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 500 मीट्रिक टन कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक प्लांट में लगने वाली सभी आधुनिक मशीनें और उपकरण मौके पर पहुंच चुके हैं। इनकी स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद ट्रायल रन शुरू किया जाएगा और परीक्षण सफल रहने पर जुलाई महीने से नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।
शून्य अपशिष्ट तकनीक पर आधारित होगा प्लांट
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि सथरापुर प्लांट पूरी तरह “जीरो वेस्ट मैनेजमेंट” तकनीक पर आधारित होगा। इसमें घरों और बाजारों से निकलने वाले गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र कर प्रोसेस किया जाएगा।
प्रसंस्करण के बाद कचरे से बायोगैस, सीएनजी और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नगर निगम के लिए राजस्व के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
दिल्ली की संस्था “पाथ्या” को मिली जिम्मेदारी
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी दिल्ली की संस्था “पाथ्या” को सौंपी गई है। संस्था प्लांट के तकनीकी संचालन, कचरा प्रसंस्करण और उत्पाद निर्माण की निगरानी करेगी।
नगर निगम का कहना है कि घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा, ताकि स्रोत स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित हो सके।
स्वच्छता रैंकिंग सुधारने में मिलेगी मदद
सथरापुर प्लांट को नगर निगम बरेली की स्वच्छता व्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” माना जा रहा है। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली की रैंकिंग अपेक्षा से काफी कमजोर रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह पुराने कचरे का ढेर और वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था की कमी रही।
अब इस प्लांट के शुरू होने से शहर में वर्षों से जमा कूड़े की समस्या कम होगी और आगामी केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली की रैंकिंग बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर को मिलेगी बड़ी राहत
नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि प्लांट के शुरू होने के बाद खुले में कूड़ा डंपिंग की समस्या कम होगी, बदबू और प्रदूषण पर नियंत्रण लगेगा तथा शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे बरेली को एक स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी।






