भीषण गर्मी और बदलते मौसम का कहर: बुखार-डायरिया से भर रहे बच्चों के वार्ड, जिला अस्पताल की अव्यवस्था से मरीज परेशान
बरेली (ब्यूरो)। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बदलते मौसम ने बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल और 300 बेड अस्पताल में इन दिनों बुखार, उल्टी-दस्त और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालत यह है कि बाल रोग वार्ड पिछले कई दिनों से लगातार फुल चल रहा है। गंभीर हालत में पहुंच रहे बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है।

बुधवार को भी अस्पताल में 40 बच्चों को भर्ती किया गया। इनमें अधिकांश बच्चे तेज बुखार और डायरिया से पीड़ित थे। सुबह जिन बच्चों की हालत में सुधार हुआ, उन्हें छुट्टी दी गई, लेकिन दिनभर नए मरीजों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। देर रात तक वार्ड फिर से पूरी तरह भर गया।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और मौसम में अचानक हो रहे बदलाव बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहे हैं। इसके चलते छोटे बच्चे तेजी से वायरल फीवर और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को तेज धूप से बचाकर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। खासतौर पर छोटे बच्चों की दूध की बोतल को गर्म पानी में उबालकर ही इस्तेमाल करें, क्योंकि संक्रमण के कारण डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।
अस्पताल व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
इधर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मरीजों में नाराजगी देखने को मिल रही है। नेत्र रोग विभाग की ओपीडी कई वर्ष पहले 300 बेड अस्पताल में शिफ्ट कर दी गई थी, लेकिन आज भी जिला अस्पताल में आंखों के मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। इससे मरीज भ्रमित होकर नेत्र रोग कक्ष तक पहुंच जाते हैं, जहां ओपीडी बंद मिलने पर उन्हें वापस 300 बेड अस्पताल भेज दिया जाता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जिला अस्पताल में कहीं भी स्पष्ट सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है कि नेत्र रोग की ओपीडी अब यहां संचालित नहीं होती। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी और भर्ती वार्ड अलग-अलग अस्पतालों में होने से मरीजों को बार-बार भटकना पड़ता है।
बढ़ती मरीज संख्या से स्वास्थ्य विभाग पर दबाव
लगातार बढ़ रहे मरीजों के कारण अस्पताल प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। बाल रोग वार्ड में बेड की कमी महसूस की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि गर्मी में बच्चों को बाहर निकलने से बचाएं, स्वच्छ पानी पिलाएं और खानपान में विशेष सावधानी बरतें।






