बदायूं में दर्दनाक हादसा: मेंथा प्लांट की जहरीली गैस बनी काल, टंकी सफाई में दो सगे भाइयों की मौत, तीसरा जिंदगी से जंग लड़ रहा

बदायूं में दर्दनाक हादसा: मेंथा प्लांट की जहरीली गैस बनी काल, टंकी सफाई में दो सगे भाइयों की मौत, तीसरा जिंदगी से जंग लड़ रहा
बदायूं। जिले के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के सुरेनी पापड़ी गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मेंथा प्लांट की टंकी की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीसरे भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक गांव निवासी जयवीर यादव (32 वर्ष), राजेश यादव (22 वर्ष) और मनवीर यादव (26 वर्ष) मेंथा प्लांट की टंकी की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान टंकी के अंदर मौजूद जहरीली गैस ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि सबसे पहले एक भाई टंकी के भीतर बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए दूसरे भाई ने अंदर उतरने की कोशिश की, लेकिन वह भी गैस से अचेत हो गया। इसके बाद तीसरा भाई दोनों को बचाने के लिए टंकी में उतरा, लेकिन कुछ ही पलों में वह भी बेहोश होकर गिर पड़ा।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शोर सुनते ही दौड़कर किसी तरह तीनों भाइयों को टंकी से बाहर निकाला। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आसफपुर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जयवीर और राजेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में मनवीर यादव को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिना सुरक्षा उपकरण उतरे थे टंकी में
ग्रामीणों का कहना है कि मेंथा प्लांट की टंकियों में सफाई के दौरान अक्सर जहरीली गैस जमा हो जाती है। ऐसे कार्यों में सुरक्षा किट, ऑक्सीजन सिलेंडर और गैस जांच उपकरण जरूरी होते हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। आशंका जताई जा रही है कि इसी लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार के दो बेटों की मौत और तीसरे की गंभीर हालत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। गांव में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों भाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे, लेकिन एक पल में पूरा घर उजड़ गया।





