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बरेली में शिकायत निस्तारण की पोल खुली: 1,206 मामलों में फरियादी असंतुष्ट, डीएम ने 67 अफसरों पर कसा शिकंजा

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बरेली में शिकायत निस्तारण की पोल खुली: 1,206 मामलों में फरियादी असंतुष्ट, डीएम ने 67 अफसरों पर कसा शिकंजा
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का “फर्जी निस्तारण” करने वाले अफसरों पर जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। मई महीने में निस्तारित शिकायतों के फीडबैक में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बड़ी संख्या में अधिकारियों ने सिर्फ कागजी कार्रवाई कर शिकायतें बंद कर दीं, जबकि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने 67 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 अधिकारियों का वेतन रोक दिया, जबकि 52 अधिकारियों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।
जिले में मई माह के दौरान समेकित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर कुल 1,804 शिकायतों का निस्तारण दिखाया गया था। जब इन मामलों का फीडबैक लिया गया तो 1,206 शिकायतकर्ताओं ने साफ कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यानी करीब दो तिहाई शिकायतें सिर्फ कागजों में निस्तारित कर दी गईं।
सबसे ज्यादा लापरवाही नगर निगम, तहसील और स्वास्थ्य विभाग में सामने आई। नगर आयुक्त कार्यालय द्वारा निस्तारित 42 में से 29 शिकायतें डिफाल्टर श्रेणी में पाई गईं। एसडीएम नवाबगंज स्तर से निस्तारित 202 शिकायतों में 131 फरियादी असंतुष्ट मिले, जबकि एसडीएम फरीदपुर की 103 में से 67 और एसडीएम बहेड़ी की 72 में से 55 शिकायतों में समाधान संतोषजनक नहीं पाया गया। उप निदेशक कृषि कार्यालय की 181 शिकायतों में से 129 मामलों में शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण को फर्जी बताया।
इन अधिकारियों का रोका गया वेतन
डीएम की कार्रवाई की जद में कई बड़े विभागों के अधिकारी आए हैं। जिन 15 अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, अधिशासी अभियंता तृतीय विद्युत, दुग्ध विकास विभाग के प्रबंधक/प्रधान प्रबंधक, रोडवेज एआरएम, बहेड़ी और मीरगंज के चकबंदी अधिकारी, फतेहगंज पश्चिमी के अधिशासी अधिकारी, क्यारा, फरीदपुर, भोजीपुरा और मझगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बहेड़ी, खंड शिक्षा अधिकारी क्यारा, बाल विकास परियोजना अधिकारी फरीदपुर तथा सब रजिस्ट्रार नवाबगंज शामिल हैं। इन अधिकारियों द्वारा निस्तारित 21 शिकायतों में एक भी शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं मिला।
शासन की सख्ती के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
फरियादियों की शिकायतों पर लापरवाह रवैया अपनाने वाले अफसरों पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में दोबारा लापरवाही या फर्जी रिपोर्टिंग सामने आई तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में खलबली मच गई है।
नगर निकाय और बिजली विभाग भी घेरे में
अधिशासी अधिकारी आंवला द्वारा छह, रिछा द्वारा सात, धौराटांडा द्वारा एक, नवाबगंज द्वारा दो और बिशारतगंज द्वारा चार शिकायतों का गलत निस्तारण पाया गया। वहीं अपर नगर आयुक्त द्वारा निस्तारित 161 शिकायतों में से 121 मामलों में शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले।
इसके अलावा अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड आंवला, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड, जिला पंचायत सेल, एलडीएम, कई खंड शिक्षा अधिकारी, बीडीओ, जिला क्षय रोग अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी पर भी शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर, बरेली, बहेड़ी और मीरगंज के तहसीलदारों समेत डूडा, नेडा, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, चकबंदी, उद्योग, बाल विकास, खाद्य विभाग, परिवहन निगम, श्रम विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आईजीआरएस की समीक्षा में सामने आई यह रिपोर्ट प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। फरियादियों का कहना है कि अधिकारी बिना मौके पर जांच किए ही शिकायतों को निस्तारित दिखा देते हैं, जिससे आम लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा।

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