बरेली में तेज हवा और बारिश से गिरी गेहूं की फसल, किसानों को 40% तक नुकसान का अंदेशा

Bareilly में रविवार को अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवा और बारिश के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया। तेज धूलभरी हवा चलने लगी और करीब एक बजे आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक आई तेज हवा और बारिश से लोग भीग गए और कई जगहों पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो गई।
कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर फुंकने और बिजली लाइनों में फॉल्ट की घटनाएं सामने आईं। कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या भी देखी गई। खराब मौसम के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हुआ है। India Meteorological Department के आंचलिक मौसम केंद्र के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम कुछ दिनों तक सुहावना बना रह सकता है।
मीरगंज क्षेत्र में गेहूं की फसल को भारी नुकसान
Meerganj तहसील क्षेत्र में तेज हवा और बारिश का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर पड़ा है। कई गांवों में तेज हवा के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। किसानों का कहना है कि इससे उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
किसान फहीम अंसारी ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार थी, लेकिन अचानक आई तेज हवा और बारिश के कारण काफी फसल जमीन पर गिर गई है।
वहीं किसान रामेंद्र चौहान का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहा तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
किसान संतोष शर्मा ने बताया कि अचानक बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में गिरी फसल को संभालना अब काफी मुश्किल हो गया है।
अन्य फसलों पर भी मंडरा रहा खतरा
Dunka क्षेत्र के किसानों ने भी बताया कि तेज हवा के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। किसान सतीश चंद्र गंगवार, शिशुपाल सिंह, मोहन चंद, राजेश, मुकेश, दुर्जन लाल, मुनीपाल, रामस्वरूप और इकबाल बहादुर लोधी सहित कई किसानों ने कहा कि फसल गिरने से गेहूं का दाना ठीक से विकसित नहीं हो पाएगा।
किसानों का कहना है कि अगर गेहूं का दाना पतला रह गया तो पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके अलावा मसूर, लाही, लहटा और मटर जैसी अन्य फसलें भी लगभग तैयार हैं, जिन पर खराब मौसम का असर पड़ सकता है।






