कार्यालय से बाहर निकले बीडीए उपाध्यक्ष, खुद सुनीं लोगों की समस्याएं

जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों को दिया भरोसा, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) में शुक्रवार को जनसुनवाई के दौरान संवेदनशील प्रशासन की झलक देखने को मिली। बीडीए उपाध्यक्ष ने अपने कार्यालय कक्ष से बाहर निकलकर सीधे आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में शहर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अवैध निर्माण, मानचित्र स्वीकृति, विकास कार्यों, भूमि संबंधी मामलों तथा अन्य नागरिक समस्याओं से जुड़े प्रकरण उपाध्यक्ष के समक्ष रखे। उपाध्यक्ष ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के अनुरूप बीडीए में भी नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरती जाए और प्रत्येक फरियादी के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान भी दिखाई दे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और कार्रवाई की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि बरेली विकास प्राधिकरण जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहा है। पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को राहत पहुंचाना तथा उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्राधिकरण का उद्देश्य है।
जनसुनवाई के दौरान बीडीए के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, जबकि अन्य प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को समयसीमा निर्धारित कर कार्रवाई करने को कहा गया।




