बरेली में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ की बड़ी कार्रवाई: 29 स्कूली वाहनों के चालान, 14 वाहन किए बंद

बिना फिटनेस, परमिट और जरूरी दस्तावेजों के चल रहे स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा; 10 जुलाई तक चलेगा विशेष प्रवर्तन अभियान
बरेली। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने जनपद में “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को अभियान के पहले दिन परिवहन विभाग की टीम ने बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 29 स्कूली वाहनों के चालान किए, जबकि 14 वाहनों को बंद कर दिया।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक जनपद में “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 8 से 10 जुलाई तक तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। पहले दिन शाम 4:30 बजे तक की कार्रवाई में बिना वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रवर्तन अभियान के दौरान हार्टमैन स्कूल, चिकर इंटरनेशनल स्कूल, पद्मावती एकेडमी, बीबीएल स्कूल, जीआरएम कॉन्वेंट स्कूल और केंद्रीय विद्यालय से संबद्ध वाहनों की भी जांच की गई। जिन वाहनों में वैध अभिलेख नहीं मिले अथवा परिवहन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, उनके विरुद्ध चालान और वाहन बंद करने की कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयी बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना वैध परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, कर, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा अन्य आवश्यक अभिलेखों के संचालित किसी भी विद्यालय वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान जारी रहेगा।
विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने सभी विद्यालय वाहनों के दस्तावेज तत्काल अपडेट कराएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीट बेल्ट, इमरजेंसी एग्जिट और रिफ्लेक्टर टेप सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा उपकरण पूरी तरह उपलब्ध और कार्यशील हों।
परिवहन विभाग का कहना है कि “मिशन सेफ फ्यूचर” का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, जिम्मेदार और निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाना है। विभाग ने अभिभावकों और आमजन से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।






