शादी और नौकरी का झांसा देकर महिला का शोषण करने का आरोप, दरोगा निलंबित

गर्भपात कराने, जेवर हड़पने व मारपीट का भी आरोप; एसएसपी ने एसपी सिटी को सौंपी जांच
बरेली। बारादरी क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस विभाग के एक दरोगा पर शादी और नौकरी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने, गर्भपात कराने, लाखों रुपये के जेवर हड़पने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) को सौंपी गई है।
माधोबाड़ी निवासी महिला ने एसएसपी कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2022 से पति से विवाद के चलते वह अलग रह रही है। वर्ष 2025 में पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने बारादरी थाने गई थी। वहीं उसकी मुलाकात तत्कालीन तैनात दरोगा नरेश बाबू से हुई।
महिला का आरोप है कि दरोगा ने पहले उसकी मदद करने का भरोसा दिलाया, फिर पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने और पत्नी से तलाक लेकर उससे शादी करने का वादा किया। इसी विश्वास में लेकर आरोपी ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसके घर आने-जाने लगा और करवाचौथ 2025 से उसके घर पर ही रहने लगा। आरोप है कि फरवरी 2026 में बेटे की शादी का हवाला देकर करीब आठ लाख रुपये के सोने के जेवर अपने साथ ले गया। विरोध करने पर उसे धमकाया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर 12 मई को आरोपी ने जबरन गर्भपात की दवा खिला दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पीड़िता के अनुसार 23 मई को आरोपी अपनी पत्नी और बेटे के साथ उसके घर पहुंचा, जहां गाली-गलौज और मारपीट की गई। डायल-112 पर सूचना देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।
मंगलवार को महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की। उसने आरोपी के साथ अपने कुछ फोटो भी पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी बोले
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर सिरौली थाने में तैनात उपनिरीक्षक नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






