फर्जी दस्तावेजों से 39 बाइक फाइनेंस कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, श्रीराम फाइनेंस से लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा
फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोपहिया वाहनों का फाइनेंस कराकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ किला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है

बरेली। फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोपहिया वाहनों का फाइनेंस कराकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ किला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे इस मामले के मुख्य आरोपी चंद्रभानु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने श्रीराम फाइनेंस कंपनी में मार्केटिंग कर्मचारी रहते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और उनके आधार पर दर्जनों बाइक फाइनेंस कराकर कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को सत्यप्रकाश पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
39 बाइक फाइनेंस कर करोड़ों के खेल की तैयारी
जांच में सामने आया है कि आरोपी चंद्रभानु ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 39 दोपहिया वाहनों का फाइनेंस कराया गया। बाद में किस्तें जमा नहीं की गईं, जिससे श्रीराम फाइनेंस कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
42 लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
इस बहुचर्चित फाइनेंस घोटाले में कुल 42 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे। कुछ लोग फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराते थे, जबकि अन्य लोग फर्जी ग्राहक बनकर वाहन फाइनेंस कराते थे।
मार्केटिंग कर्मचारी ने उठाया भरोसे का फायदा
पुलिस जांच के अनुसार, चंद्रभानु श्रीराम फाइनेंस कंपनी में मार्केटिंग कर्मचारी था। कंपनी की फाइनेंस प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच प्रणाली की पूरी जानकारी होने के कारण उसने इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया और अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
किला थाना पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए गए, किन लोगों ने इसमें सहयोग किया और फाइनेंस कराए गए वाहनों को बाद में कहां बेचा गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली की जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मुकदमे में अन्य धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।





