लाल फाटक-रामगंगा रोड पर मौत बन चुके गड्ढे, कांवड़ यात्रा से पहले PWD की लापरवाही पर उठे सवाल
सड़क की बदहाली से हर दिन हादसों का खतरा, लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा पर मंडराया संकट

बरेली। सावन माह और कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन बरेली के लाल फाटक से रामगंगा पुल होते हुए बदायूं रोड तक की सड़क बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की अनदेखी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जबकि विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।
लाल फाटक पुल से उतरते ही सड़क की हालत बेहद खराब दिखाई देती है। कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा टूट चुका है और गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाकर या जोखिम उठाकर गड्ढों से बचते हुए निकलना पड़ रहा है। रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जब अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते और ई-रिक्शा, टेंपो व दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार कांधरपुर स्थित सद्भावना कॉलोनी के पास तालाब ओवरफ्लो होने और आगे जलनिकासी के लिए नाला नहीं होने से पूरा क्षेत्र जलभराव की चपेट में है। लगातार पानी भरने से सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। कई वाहन चालकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण उनके वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य कलपुर्जे भी खराब हो रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ी चिंता
सावन में लाखों शिवभक्त इसी मार्ग से बदायूं के कछला घाट गंगाजल लेने जाते हैं। बरेली के अलावा पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और आसपास के जिलों से आने वाले कांवड़िए भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क की वर्तमान स्थिति श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भारी संख्या में गुजरने वाले वाहनों और कांवड़ियों के बीच किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों ने दुर्घटनाओं से बचाने के लिए कुछ स्थानों पर गड्ढों के सामने ईंटें और पत्थर रख दिए हैं ताकि वाहन चालकों को खतरे का संकेत मिल सके। उनका आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने समस्या की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जबकि यह मार्ग जिले का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
PWD ने दिया आश्वासन
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने बताया कि लाल फाटक-रामगंगा मार्ग पर स्थायी जलनिकासी के लिए नाला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। साथ ही गड्ढों की मरम्मत के लिए संबंधित अवर अभियंता और ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों के गड्ढे भरवा दिए जाएंगे और जहां आवश्यकता होगी वहां तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
अब निगाहें कार्रवाई पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग के आश्वासन धरातल पर भी दिखाई देंगे, या फिर सड़क की बदहाली किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही अधिकारियों की नींद खोलेगी। कांवड़ यात्रा से पहले इस मार्ग की तत्काल मरम्मत और प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।





