बरेली में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान: वनखंडीनाथ पार्क में 21 फीट शिव प्रतिमा, त्रिशूल तिराहे पर स्थापित होगी आदियोगी की भव्य मूर्ति

बरेली में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान: वनखंडीनाथ पार्क में 21 फीट शिव प्रतिमा, त्रिशूल तिराहे पर स्थापित होगी आदियोगी की भव्य मूर्ति
40 लाख की परियोजना से शहर के धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप को मिलेगा नया आयाम, दीपावली से पहले होगा कार्य पूरा
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली
बरेली। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बरेली नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। रामायण वाटिका और निर्माणाधीन रुद्रावनम पार्क के बाद अब वनखंडीनाथ पार्क को भी धार्मिक थीम पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत पार्क में भगवान शिव की 21 फीट ऊंची ध्यानमग्न प्रतिमा तथा शहर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले त्रिशूल तिराहे पर 10 फीट ऊंची आदियोगी शिव की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
करीब 40 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य बरेली को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाना है। नगर निगम ने दोनों प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य मथुरा की मैसर्स ग्लैम्प्टिक आर्ट को सौंपा है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार
बरेली में पिछले कुछ वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक ओर जहां नाथ कॉरिडोर के माध्यम से शहर के सात प्रमुख नाथ मंदिरों का कायाकल्प किया जा रहा है, वहीं बीडीए द्वारा विकसित रामायण वाटिका और निर्माणाधीन रुद्रावनम पार्क धार्मिक पर्यटन की नई पहचान बन रहे हैं। इसी श्रृंखला में अब वनखंडीनाथ पार्क को भी आकर्षक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
वनखंडीनाथ पार्क बनेगा आस्था और मनोरंजन का केंद्र
नगर निगम ने वनखंडीनाथ पार्क में हरित विकास के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार किया है। यहां बच्चों के लिए झूले, टेनिस और वॉलीबॉल कोर्ट सहित अन्य मनोरंजन सुविधाएं लगभग तैयार हो चुकी हैं। अब पार्क का मुख्य आकर्षण भगवान शिव की विशाल प्रतिमा होगी, जिसे दीपावली से पहले स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर के प्रवेश द्वार पर दिखेगा आदियोगी का भव्य स्वरूप
पीलीभीत रोड की ओर से बरेली आने वाले लोगों का स्वागत अब आदियोगी शिव की भव्य प्रतिमा करेगी। त्रिशूल तिराहे पर स्थापित होने वाली यह प्रतिमा न केवल शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगी।
नगर आयुक्त ने बताई योजना की मंशा
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाना है। उनका कहना है कि इन प्रतिमाओं के स्थापित होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
मुख्य बिंदु
– वनखंडीनाथ पार्क में स्थापित होगी 21 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा।
– त्रिशूल तिराहे पर लगेगी 10 फीट ऊंची आदियोगी शिव की मूर्ति।
– करीब 40 लाख रुपये की लागत से होगा निर्माण।
– दीपावली से पहले दोनों प्रतिमाओं की स्थापना का लक्ष्य।
– धार्मिक पर्यटन और शहर की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया विस्तार।






