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यूपी: करोड़ों की कथित काली कमाई पर शिकंजा, पूर्व एआरटीओ ललित कुमार की संपत्तियों की अब आयकर विभाग करेगा गहन जांच

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यूपी: करोड़ों की कथित काली कमाई पर शिकंजा, पूर्व एआरटीओ ललित कुमार की संपत्तियों की अब आयकर विभाग करेगा गहन जांच

विजिलेंस से मिली रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई कार्रवाई, आईटीआर, आय के स्रोत और घोषित संपत्तियों का होगा मिलान; सोना-चांदी कोषागार में, नकदी सरकारी खाते में जमा

लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। विजिलेंस जांच में सामने आई संपत्तियों का पूरा ब्योरा अब आयकर विभाग को भेज दिया गया है। इसके बाद आयकर विभाग ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ललित कुमार ने अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में जितनी आय और संपत्ति घोषित की थी, वह विजिलेंस द्वारा सामने लाई गई संपत्तियों से मेल खाती है या नहीं।
विजिलेंस की जांच के दौरान बरामद नकदी, सोना, चांदी और अन्य कीमती आभूषणों को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षित रखा गया है। सोना-चांदी और आभूषणों को सरकारी कोषागार के डबल लॉक में जमा कराया गया है, जबकि बरामद नकदी को विजिलेंस के अधिकृत खाते में जमा कर दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अदालत में भी प्रस्तुत कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस की औपचारिक रिपोर्ट मिलने के बाद आयकर विभाग ने अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही ललित कुमार को नोटिस जारी कर उनकी आय के सभी स्रोतों का विस्तृत विवरण मांगेगा। साथ ही उनके पैन कार्ड के माध्यम से दाखिल किए गए आयकर रिटर्न, सेवा अवधि में प्राप्त वेतन, सेवा अभिलेख, घोषित चल-अचल संपत्तियों, पैतृक संपत्तियों और अन्य वैध आय स्रोतों का गहन परीक्षण किया जाएगा।
आयकर अधिकारी यह भी जांच करेंगे कि वर्षों के दौरान घोषित आय के अनुरूप संपत्तियां अर्जित की गई थीं या नहीं। यदि जांच में घोषित आय और वास्तविक संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर सामने आता है, तो ललित कुमार से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आयकर अधिनियम के तहत कर चोरी, अघोषित आय और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में विजिलेंस और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जाता है। ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, निवेश, बेनामी संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की भी गहन जांच की जाती है। फिलहाल पूरे मामले पर आयकर विभाग और विजिलेंस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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