फर्जी आर्मी दस्तावेजों से अग्निवीर अभ्यर्थियों को ठगने वाला गिरफ्तार, खुद को बताता था हवलदार।

बरेली में कैंट पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई, री-मेडिकल में पास कराने का देता था झांसा; फर्जी मोहर, दस्तावेज और अभ्यर्थियों का रजिस्टर बरामद।
बरेली। अग्निवीर भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों को री-मेडिकल में पास कराने का झांसा देकर कथित रूप से ठगी करने वाले आरोपी को बरेली की कैंट थाना पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को सेना में हवलदार बताकर मेडिकल में अनफिट अभ्यर्थियों को निशाना बनाता था। उन्हें री-मेडिकल में पास कराने का भरोसा देकर रुपये वसूलने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश तिवारी (करीब 36 वर्ष), निवासी लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथी गजेन्द्र सिंह के साथ मिलकर अग्निवीर भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। मेडिकल में अनफिट अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल में पास कराने का दावा कर उन्हें अपने विश्वास में लिया जाता था।
फर्जी कॉल-अप लेटर और रेफरल फार्म का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाने के लिए आरोपी सेना से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेता था। इनमें कूटरचित कॉल-अप लेटर, रेफरल फार्म और अन्य दस्तावेज शामिल बताए गए हैं। इन दस्तावेजों के जरिए अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया जाता था कि आरोपी की सेना में पहुंच है और वह उन्हें भर्ती प्रक्रिया में फायदा दिला सकता है।
155 INF BN की कथित फर्जी मोहर बरामद
संयुक्त टीम ने आरोपी के कब्जे से 155 INF BN की कथित फर्जी मोहर, एक रेडमी नोट 14 प्रो मोबाइल फोन, अभ्यर्थियों का विवरण दर्ज रजिस्टर, फर्जी दस्तावेज और अन्य अभिलेख बरामद किए हैं। बरामद रजिस्टर और मोबाइल की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी और उसके साथी ने कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया और उनसे कितनी रकम ली गई। इसके साथ ही पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
मामले में थाना कैंट में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
एसपी सिटी बरेली मानुष पारीक ने मामले की कार्रवाई की जानकारी दी।





