बरेली: मेयर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, पुलिस को संभालनी पड़ी व्यवस्था।

मेयर उमेश गौतम और पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से महिलाओं को बांटी गईं साड़ियां; भारी भीड़ से जाम, गर्मी-घुटन से महिला बेहोश, पुलिस ने संभाली व्यवस्था
बरेली। शहर के बरेली क्लब में बृहस्पतिवार को महापौर उमेश गौतम और पार्थ गौतम फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम में करीब 20 हजार महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को साड़ियां वितरित की गईं। एक तरफ आयोजन को सेवा और त्योहार से जोड़कर देखा गया, वहीं दूसरी तरफ भारी भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठे।
कार्यक्रम में सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। भीड़ बढ़ने के साथ बरेली क्लब परिसर और आसपास के इलाकों में दबाव बढ़ गया। सड़कों पर वाहनों की कतार लगने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।
महिलाओं ने वापसी की व्यवस्था पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में पहुंचीं कुछ महिलाओं का कहना था कि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कार्यक्रम के बाद घर वापस पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इससे कई महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। परिसर में भीड़ अधिक होने के कारण मंच से बच्चों को लेकर भी लगातार घोषणाएं की जाती रहीं।
इसी दौरान साड़ी लेने पहुंचीं करीब 40 वर्षीय रेखा की गर्मी और घुटन के कारण तबीयत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
पुलिस को संभालनी पड़ी व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ और आसपास यातायात प्रभावित होने की सूचना मिलने पर सीओ प्रथम आशुतोष शिवम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के थानों से भी पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। पुलिस ने भीड़ को व्यवस्थित करने और यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम के मुताबिक, कार्यक्रम में ज्यादा भीड़ होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
अस्पताल में उपचार के बाद महिला को मिली राहत
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. शैलेश रंजन के मुताबिक, एंबुलेंस से अस्पताल लाई जा रही महिला को रास्ते में ही होश आ गया था। उनके साथ तीन अन्य महिलाएं और एक पार्टी के नेता भी अस्पताल पहुंचे थे। धक्कामुक्की के दौरान गुम चोट लगने से महिला को दर्द की शिकायत थी, जबकि घुटन के कारण चक्कर आने की बात सामने आई। जांच और दवा लेने के बाद सभी अस्पताल से चले गए।
सेवा भाव के आयोजन के बीच व्यवस्था पर सवाल
रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में महिलाओं को साड़ियां वितरित करने के इस आयोजन में हजारों महिलाओं की भागीदारी रही। हालांकि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए आवागमन, भीड़ प्रबंधन, गर्मी से बचाव और वापसी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। कार्यक्रम स्थल पर हालात संभालने के लिए आखिरकार पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
सवाल यह भी है कि जब आयोजकों को हजारों महिलाओं के पहुंचने की संभावना थी, तो उसी अनुपात में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित वापसी के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?






