फर्जी बैनामों का खेल: भूमाफिया ने दलित की जमीन बेचकर युवक से 8.38 लाख ठगे

बरेली। शहर में भूमाफियाओं के बढ़ते हौसले और आम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने का एक गंभीर मामला थाना बारादरी क्षेत्र से सामने आया है। आरोप है कि सूफी टोला निवासी एक व्यक्ति और उसकी पत्नी ने फर्जी दस्तावेजों और सच्चाई छिपाकर जमीन बेचते हुए युवक से 8 लाख 38 हजार रुपये की ठगी कर ली। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
कांकर टोला निवासी मो. मोहसिन पुत्र जनाब अहमद के अनुसार उनकी जान-पहचान सूफी टोला निवासी सैय्यद परवेज अली पुत्र सैयद अली अनवर से थी। अगस्त 2013 में आरोपी अपनी पत्नी के साथ मोहसिन के घर पहुंचे और ग्राम मुड़िया अहमदनगर में जमीन होने की बात कही। आरोप है कि जमीन को पूरी तरह “पाक-साफ और निर्विवाद” बताकर बेचने की पेशकश की गई।
आरोपों के मुताबिक मोहसिन ने भरोसा कर 03 सितंबर 2013 को 100 वर्ग गज,20 जनवरी 2014 को 100 वर्ग गज कुल 200 वर्ग गज जमीन दो रजिस्ट्री बैनामों के जरिए 8,38,000 रुपये देकर खरीदी। इसके बाद उन्होंने प्लॉट पर चौहद्दी की बुनियाद भी भरवा दी।
12 साल बाद खुला फर्जीवाड़े का राज
मई 2025 के पहले सप्ताह में मोहसिन को जानकारी मिली कि जिस जमीन को उन्होंने खरीदा है, वह गाटा संख्या 425 की है, जिसका एक तिहाई हिस्सा एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति सत्यपाल के नाम दर्ज है। आरोप है कि सैय्यद परवेज अली ने यह जमीन गैरकानूनी तरीके से हासिल कर, सच्चाई छिपाकर आगे बेच दी।
पैसे मांगने पर खुलेआम कबूलनामा
पीड़ित का आरोप है कि 8 अगस्त 2025 की शाम जब उसने सैय्यद परवेज अली और उसकी पत्नी से पैसे वापस मांगे, तो दोनों ने कहा“हमारा काम ही विवादित जमीन सस्ती खरीदकर दूसरों को महंगे में बेचने का है, तुम्हें पैसे नहीं मिलेंगे, जो बिगाड़ सको बिगाड़ लो।”इसके बाद गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।
थाने से लेकर SSP तक, कहीं नहीं मिली सुनवाई
मोहसिन ने थाना बारादरी में शिकायत की, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली को पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कोर्ट के आदेश पर थाना भरतरी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।





