Bareilly Double Murder Case: प्रेमिका और पत्नी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा

बरेली जिले के क्योलड़िया थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग हत्याओं का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए प्रेमिका और पत्नी की हत्या में साझेदार बने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नौ वर्ष पूर्व महिला की हत्या और एक वर्ष पहले लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी की हत्या का राज तब खुला, जब आरोपी पॉलीग्राफ टेस्ट के डर से फरार होने लगे। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते दोनों को पश्चिम बंगाल भागने से पहले ही दबोच लिया गया।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, डीएनए से खुला राज
ग्राम सतवन पट्टी निवासी अजीज अहमद ने 8 जनवरी 2025 को अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। क्योलड़िया पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच सितंबर में कैलाश नदी किनारे गन्ने के खेत से सिर की चोटी, कपड़े और हड्डियां बरामद हुईं। पुलिस ने अवशेषों का डीएनए टेस्ट कराया, जिसमें पुष्टि हुई कि वे अजीज की बेटी के ही हैं।
जांच के दौरान किशोरी के मोबाइल की CDR (Call Detail Record) खंगाली गई। इसमें गांव निवासी सलीम हुसैन से लगातार संपर्क और घटना की रात दोनों की एक ही लोकेशन सामने आई। यहीं से पुलिस का शक गहराया।
पॉलीग्राफ टेस्ट से पहले ही फरार
पुलिस को सलीम की भूमिका संदिग्ध लगी तो कोर्ट से पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति ली गई। नोटिस जारी होने के बाद सलीम को यह भय सताने लगा कि टेस्ट के दौरान सच्चाई उजागर हो जाएगी। गलतफहमी में कि पॉलीग्राफ टेस्ट में नशे का इंजेक्शन लगाया जाता है, वह अचानक लापता हो गया।
तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस को पता चला कि सलीम भौआ बाजार निवासी अमित उर्फ ‘डॉ. बंगाली’ के संपर्क में है और दोनों पश्चिम बंगाल भागने की योजना बना रहे हैं। संयुक्त टीम ने समय रहते दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूला दो हत्याओं का सच
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में किशोरी की हत्या का खुलासा हुआ। सलीम ने बताया कि वह किशोरी को घर से बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गया। इसी दौरान किशोरी के पिता के पहुंचने और शोर मचाने पर वे जंगल की ओर भागे। बाद में जब किशोरी वापस जाने को तैयार नहीं हुई तो सलीम ने डॉ. बंगाली के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पूछताछ में एक और सनसनीखेज राज सामने आया। वर्ष 2017 में अमित उर्फ डॉ. बंगाली ने अपनी पत्नी रजनी की हत्या भी सलीम की मदद से की थी। आरोप है कि वैवाहिक विवाद के चलते कैलाश नदी किनारे गला दबाकर हत्या कर शव दफना दिया गया था। इस मामले में थाना भुता में पूर्व में केस दर्ज था, लेकिन तब ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाए थे।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, सलीम हुसैन (22 वर्ष) पर लूट, हत्या के प्रयास, Arms Act सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान में वह दो हत्याओं में नामजद है। वहीं अमित उर्फ डॉ. बंगाली, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है, अपहरण और POCSO Act के मामलों में भी आरोपी रह चुका है।
तकनीकी साक्ष्यों से सुलझी गुत्थी
एसपी दक्षिणी मुकेश कुमार मिश्र ने बताया कि सर्विलांस, साइबर सेल और SOG की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों मामलों का खुलासा किया। मोबाइल लोकेशन, CDR विश्लेषण और डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुए।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और अन्य संभावित आपराधिक पहलुओं की भी जांच जारी है।
सामाजिक विश्वास पर चोट
इस पूरे प्रकरण ने ग्रामीण क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक ओर जहां नाबालिग किशोरी की निर्मम हत्या ने समाज को झकझोर दिया, वहीं वर्षों पहले पत्नी की हत्या कर मामले को दबा देने का प्रयास कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबित और संदिग्ध मामलों की पुनर्समीक्षा (Case Review) जारी है, ताकि ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।






