शाहजहांपुर में सनसनीखेज दावा: शंकराचार्य पर आरोप लगाने के लिए पैसों का ऑफर!

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे कथित यौन शोषण के आरोपों के बीच अब उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे इन आरोपों को लगाने के लिए पैसों का लालच दिया गया था।
पीड़ित व्यक्ति के अनुसार, उससे संपर्क कर कथित तौर पर शंकराचार्य पर झूठा आरोप लगाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसके बदले मोटी रकम और सुरक्षित जीवन का आश्वासन दिया गया था। इस पूरे मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है और जांच की दिशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ संपर्क?
व्यक्ति ने बताया कि 18 फरवरी की शाम वह सुभाषनगर रिंग रोड इलाके में था, तभी तीन अज्ञात लोगों ने उसे रोककर बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उन्होंने उसके पिता का नाम लिया, जिससे उसे लगा कि वे लोग उसकी व्यक्तिगत जानकारी रखते हैं।
इसके बाद उन लोगों ने उसे एक “काम” के बदले अच्छा पैसा देने का प्रस्ताव दिया। जब उसने काम के बारे में पूछा, तो उनमें से एक ने फोन मिलाकर उसकी बात आशुतोष पांडेय नाम के व्यक्ति से कराई।
क्या कहा गया फोन पर?
पीड़ित के मुताबिक, फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने पहले उसके पिता का नाम लेकर संवेदना व्यक्त की और फिर सीधे प्रस्ताव रखा। उसने कहा कि “दंडी बाबा” उसे परेशान कर रहे हैं और एक योजना के तहत एक बच्ची को लेकर काशी या बद्रीनाथ स्थित आश्रम में जाकर अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने होंगे।
इसके बदले में उसे इतनी बड़ी रकम देने की बात कही गई, जिससे वह कहीं और जाकर आराम से रह सके। यह भी संकेत दिया गया कि इस काम के बाद उसकी जिंदगी सुरक्षित और आसान हो जाएगी।
पीड़ित ने ठुकराया प्रस्ताव
हालांकि, संबंधित व्यक्ति ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पैसों के लिए इस तरह का गलत काम नहीं करेगा। इसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि “दूसरा विकल्प भी खुला है” और कॉल काट दी।
बनारस जाकर दी जानकारी
कुछ समय बाद जब उस व्यक्ति को जानकारी मिली कि शंकराचार्य पर इसी तरह का एक मामला दर्ज कराया गया है, तो उसने तुरंत उनसे संपर्क साधने का निर्णय लिया। वह अपने परिवार के साथ वाराणसी पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी शंकराचार्य को दी।
मामले ने बढ़ाई जांच की जटिलता
इस नए दावे के सामने आने के बाद पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या शंकराचार्य पर लगाए गए आरोपों के पीछे कोई साजिश भी हो सकती है?
फिलहाल, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर इसमें सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर एक बड़े षड्यंत्र की दिशा में जा सकता है। जांच एजेंसियों के लिए यह खुलासा बेहद अहम साबित हो सकता है।






