लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन, कुलानुशासक घायल

लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से जारी छात्र प्रदर्शन बुधवार को और उग्र हो गया। मुख्य परिसर के बाद अब जानकीपुरम स्थित दूसरे परिसर में भी छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके दौरान अपर कुलानुशासक प्रो. मोहम्मद अहमद घायल हो गए।
गेट बंद करने की कोशिश में हुआ हादसा
जानकीपुरम परिसर में बड़ी संख्या में छात्र गेट नंबर-1 पर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ छात्रों ने मुख्य गेट को जबरन बंद करने का प्रयास किया। इसी बीच स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे अपर कुलानुशासक प्रो. मोहम्मद अहमद का हाथ गेट में दब गया, जिससे वह चोटिल हो गए। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया।
तीन दिनों से जारी है हंगामा
छात्रों का विरोध पिछले तीन दिनों से लगातार जारी है। मुख्य परिसर में लाल बारादरी भवन का दरवाजा सील किए जाने को लेकर पहले से ही छात्र आक्रोशित थे। अब यह विरोध दूसरे परिसर तक फैल गया है, जिससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—
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फीस जमा करने की अंतिम तिथि (28 फरवरी) हटाई जाए
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विलंब शुल्क (Late Fee) समाप्त किया जाए
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छात्रवृत्ति समय पर जारी की जाए
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जिन छात्रों का एडमिशन निरस्त करने की तैयारी है, उन्हें राहत दी जाए
छात्रों का आरोप है कि छात्रवृत्ति न मिलने के कारण कई विद्यार्थी फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में विलंब शुल्क लेना उनके लिए आर्थिक बोझ बन रहा है।
नारेबाजी और ज्ञापन सौंपा गया
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “छात्र एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। इस दौरान छात्र नेताओं—सिद्धार्थ तिवारी, विवेक सिंह, नवीन यादव, सिद्धार्थ सिंह और प्रशांत पंडित समेत कई छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
छात्रों ने मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी और अपर कुलानुशासक प्रो. मोहम्मद अहमद को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की ओर से छात्रों को गुरुवार को कुलपति से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया है।
कक्षाएं प्रभावित, छात्र फंसे रहे परिसर में
प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय का मुख्य गेट कुछ समय के लिए बंद रहा, जिससे कई छात्र परिसर के अंदर ही फंसे रहे। जिनकी कक्षाएं समाप्त हो चुकी थीं, वे भी बाहर नहीं निकल सके।






