बरेली में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी, बिना रजिस्ट्रेशन एक सेंटर सील
बरेली में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान एक अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना पंजीकरण प्रमाण पत्र के पकड़ा गया, जिसे सील कर दिया गया। कई अन्य सेंटरों को भी खामियों पर चेतावनी दी गई।

बरेली: जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद अंसारी के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर कई सेंटरों की गहन जांच की।
इस अभियान के दौरान एक अल्ट्रासाउंड सेंटर ऐसा मिला, जहां संचालक आवश्यक पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभागीय टीम ने तत्काल प्रभाव से सेंटर को सील कर दिया। साथ ही संचालक को तीन दिन के भीतर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज न देने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इन सेंटरों पर हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को जिले के कई प्रमुख स्थानों पर स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया। इनमें कुंडरा कोठी स्थित मन्नत अल्ट्रासाउंड और जीवन ज्योति अल्ट्रासाउंड, रिछा क्षेत्र का हर्ष कला अल्ट्रासाउंड, तथा बहेड़ी इलाके में संचालित ग्लोबल, हिंद, यूनिक, मैक्स, लाइफ लाइन, अरोरा, नियाजी और विद्या अल्ट्रासाउंड सेंटर शामिल रहे।
जांच के दौरान हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक के पास पंजीकरण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने सेंटर को सील कर दिया। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की सख्ती को दर्शाती है, जो अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल प्रतिष्ठानों पर नकेल कसने के लिए की जा रही है।
कई सेंटरों को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कई अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भी खामियां पाई गईं। हालांकि ये कमियां गंभीर श्रेणी में नहीं थीं, लेकिन विभाग ने इन्हें नजरअंदाज नहीं किया। संबंधित संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द सभी कमियों को दूर करें और शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में दोबारा निरीक्षण के दौरान यदि वही खामियां दोहराई गईं, तो संबंधित सेंटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग और कानूनी कार्रवाई दोनों शामिल हो सकती हैं।
दो सेंटर मिले बंद
छापेमारी के दौरान मैक्स और लाइफ लाइन अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद पाए गए। इस पर विभाग ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सेंटर बंद होने का कारण क्या था और क्या वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी
डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. लईक अहमद अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में किसी भी स्थिति में अवैध या नियमों के विरुद्ध मेडिकल सेवाओं को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने संस्थानों में सभी आवश्यक दस्तावेज, लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध रखें।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि शासन की गाइडलाइन के अनुरूप सेवाएं देना अनिवार्य है, विशेषकर उन सेंटरों के लिए जो संवेदनशील जांच जैसे अल्ट्रासाउंड से जुड़े हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
PCPNDT एक्ट के तहत कार्रवाई संभव
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करना PCPNDT Act (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस कानून का उद्देश्य भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कार्यों पर रोक लगाना है।
ऐसे में यदि कोई सेंटर बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया जाता है, तो न केवल उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है, बल्कि संचालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।
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