दरोगा भर्ती परीक्षा के नाम पर ठगी, STF ने एक और आरोपी पकड़ा, अब तक 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Uttar Pradesh Special Task Force (STF) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
एसटीएफ की मेरठ फील्ड यूनिट ने शनिवार रात कार्रवाई करते हुए आरोपी अनुज कुमार को गिरफ्तार किया। उसे Raya थाना क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी स्थित रजनी लाइब्रेरी के पास से दबोचा गया।
तलाशी में मिले एडमिट कार्ड और मोबाइल
पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक मोबाइल फोन, उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के दो एडमिट कार्ड, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के चार एडमिट कार्ड, आठ व्हाट्सएप चैट और सामान्य ज्ञान की एक पुस्तक बरामद की गई।
जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन के डाटा के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।
अभ्यर्थियों को पास कराने का दिया जाता था झांसा
पूछताछ में आरोपी अनुज कुमार ने बताया कि वह खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गोपाल रावत नाम के एक युवक से हुई थी। आरोपी के अनुसार गोपाल रावत अभ्यर्थियों को उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम की मांग करता था।
उसने बताया कि परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से करीब 22 लाख रुपये तक मांगे जाते थे। अनुज कुमार का काम अभ्यर्थियों को तलाश करना और उन्हें गोपाल रावत से मिलवाना था।
फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी
एसटीएफ की सूचना पर Mathura जिले के राया थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में मुख्य आरोपी गोपाल रावत फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
भर्ती परीक्षा पर सख्त निगरानी
इस पूरे मामले को देखते हुए Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board और एसटीएफ की टीमें भर्ती प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच एजेंसियां अब इस बात का भी पता लगा रही हैं कि गिरोह के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने अभ्यर्थियों को इस तरह ठगी का शिकार बनाया गया।





