Bareilly Satellite Bus Stand Accident: जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें, किस पर गिरेगी कार्रवाई?

बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब सभी की निगाहें नगर निगम की जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं। हरदोई निवासी युवक तौहीद की मौत के मामले में आखिर जिम्मेदार कौन है, इसका खुलासा अब जांच कमेटी की रिपोर्ट से होने की उम्मीद है।
आज आ सकती है जांच रिपोर्ट
नगर निगम द्वारा गठित जांच कमेटी, जिसकी अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त Shashi Bhushan Rai कर रहे हैं, आज अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप सकती है। इस रिपोर्ट में हादसे से जुड़े हर पहलू की पड़ताल की गई है।
एक साल से खुला पड़ा था जानलेवा नाला
तौहीद की मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि मई 2025 में नाले की सफाई के दौरान स्लैब टूट गया था, जिसे एक साल बाद भी दुरुस्त नहीं किया गया।
रोडवेज अधिकारियों द्वारा कई बार पत्राचार किए जाने के बावजूद इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया गया, जो आखिरकार एक बड़ी दुर्घटना में बदल गई।
जांच के घेरे में कई अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में सिर्फ तकनीकी खामियों का ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की गई है, जिनकी जिम्मेदारी नालों के रखरखाव की थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले सैटेलाइट बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके में नाला बिना स्लैब के क्यों खुला छोड़ा गया और सुरक्षा के इंतजाम इतने कमजोर क्यों थे।
30 घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला शव
मंगलवार रात करीब 9:30 बजे तौहीद बस पकड़ने के लिए सैटेलाइट पहुंचा था। इसी दौरान वह खुले नाले में गिर गया। करीब 30 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव नाले के भीतर मलबे और सिल्ट में फंसा मिला।
हादसे के बाद भी नहीं सुधरा सिस्टम
हैरानी की बात यह है कि इस दर्दनाक घटना के बाद भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की गई। नाले के पास बिना पर्याप्त बैरिकेडिंग के काम जारी है, जो किसी भी वक्त एक और हादसे को जन्म दे सकता है।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त Sanjeev Kumar Maurya ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






