बरेली में 45.18 करोड़ से बनेंगे 3 पुल, आवागमन होगा आसान

जिले के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सेतु निगम द्वारा बरेली में तीन नए पुलों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। करीब 45.18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ये पुल हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आएंगे। शासन ने न सिर्फ परियोजना को हरी झंडी दी है, बल्कि बजट भी जारी कर दिया है, जिससे नए वित्त वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन अहम स्थानों पर बनेंगे पुल
लोक निर्माण विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, तीन अलग-अलग स्थानों पर पुल और संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे—
- फरीदपुर तहसील के टिसुआ और हसनगंज के बीच कैलाश नदी पर पुल
- मीरगंज क्षेत्र में सिंधौली-नरखेड़ा मार्ग पर भाखड़ा नदी पर पुल
- नवाबगंज में नकटपुर-नहरपुर गौरीखेड़ा के बीच पनघैली नदी पर पुल
इन तीनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग बजट तय किया गया है, जिसमें फरीदपुर का पुल सबसे महंगा है।
कितना खर्च होगा कहां?
- कैलाश नदी (फरीदपुर) – लगभग 17.63 करोड़ रुपये
- भाखड़ा नदी (मीरगंज) – लगभग 14.81 करोड़ रुपये
- पनघैली नदी (नवाबगंज) – लगभग 12.74 करोड़ रुपये
इनमें पुल के साथ-साथ एप्रोच रोड और सुरक्षा कार्य भी शामिल हैं, जिससे यातायात पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
हजारों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इन पुलों के बनने से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बरसात के दौरान जो इलाके कट जाते थे, वहां अब आवागमन बाधित नहीं होगा। इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, कृषि और आपात सेवाओं को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पुलों के निर्माण से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं छात्रों और कर्मचारियों का समय भी बचेगा।
अन्य जिलों में भी मंजूरी
बरेली के साथ-साथ सरकार ने बदायूं और शाहजहांपुर में भी पुल निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे पूरे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क मजबूत होगा।
टेंडर प्रक्रिया शुरू
सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सभी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर दिखने लगेगा।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, बरेली में बनने वाले ये तीन पुल सिर्फ निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी की नई पहचान बनने जा रहे हैं। आने वाले समय में यह परियोजना जिले की अर्थव्यवस्था और जनजीवन दोनों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगी।






