बिथरी चैनपुर में शिक्षा चौपाल: जनप्रतिनिधियों ने स्कूल सुधार पर दिया जोर

बरेली: जनपद के विकासखंड बिथरी चैनपुर में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित शिक्षा चौपाल में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कम्पोजिट विद्यालय नत्थू रम्पुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और जमीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं के समाधान पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ एडवोकेट हरेन्द्र पटेल, मंडल अध्यक्ष विकास सिंह, खण्ड शिक्षा अधिकारी बिथरी चैनपुर तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बरेली भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधारों को लेकर निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और जनसहभागिता बेहद जरूरी है।
मुख्य अतिथि डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूलों की वास्तविक स्थिति को समझने और स्थानीय स्तर पर समाधान निकालने में मदद मिलती है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि अभिभावक जागरूक होंगे, तो शिक्षा का स्तर स्वतः बेहतर होगा और विद्यार्थियों का भविष्य मजबूत बनेगा।
कार्यक्रम में शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। कई लोगों ने विद्यालयों में संसाधनों की कमी, बच्चों की उपस्थिति और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों को लेकर अपनी बात रखी।
इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस पहल के जरिए प्रशासन और समाज के बीच संवाद स्थापित कर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने शिक्षा को सशक्त बनाने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।






