बरेली में गर्मी का कहर: स्कूल में छात्रा बेहोश, नाक से खून; समय बदलने की मांग

बरेली: जिले में लगातार बढ़ती गर्मी अब बच्चों की सेहत पर सीधा असर डालने लगी है। सोमवार को बिथरी चैनपुर ब्लॉक के खजुरिया ब्रह्मनान प्राथमिक विद्यालय में एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बच्ची की नाक से खून बहने लगा, जिससे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।
घटना के तुरंत बाद विद्यालय प्रबंधन ने छात्रा के परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और बच्ची को इलाज के लिए अपने साथ ले गए। प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को संभावित कारण माना जा रहा है।
दरअसल, बरेली में इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। सुबह से ही तेज धूप और उमस का असर देखने को मिल रहा है, जो खासकर छोटे बच्चों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
स्कूल टाइमिंग बदलने की उठी मांग
घटना के बाद शिक्षकों और विभिन्न संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सहित कई संगठनों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग की है।
शिक्षक संगठनों का सुझाव है कि वर्तमान मौसम को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक किया जाए, ताकि बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी से बचाया जा सके।
बढ़ता तापमान बना खतरा
शिक्षकों का कहना है कि दोपहर के समय तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में समय परिवर्तन एक जरूरी और व्यावहारिक कदम हो सकता है।
प्रशासन के सामने चुनौती
अब यह मामला जिला प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में खड़ा है—क्या बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल टाइमिंग में बदलाव किया जाएगा, या मौजूदा व्यवस्था ही जारी रहेगी?
फिलहाल, इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बढ़ती गर्मी अब केवल मौसम का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बन चुकी है, जिस पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।






