बरेली में गोशाला लापरवाही पर बड़ा एक्शन, BDO समेत 5 अधिकारियों को नोटिस

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गोवंश संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नवाबगंज क्षेत्र के मधुनगला स्थित वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में बीडीओ सहित पांच जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह कार्रवाई मुख्य विकास अधिकारी देवयानी के निर्देश पर की गई। उनके आदेश के बाद जिला विकास अधिकारी दिनेश यादव ने शनिवार को गो संरक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।
जांच में सामने आया कि केंद्र पर निर्धारित मानकों के अनुरूप न तो पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध था और न ही भूसा व चोकर की व्यवस्था संतोषजनक थी। कई गोवंश कमजोर अवस्था में पाए गए, जिससे देखभाल में गंभीर लापरवाही का संकेत मिला।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
लापरवाही को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने बीडीओ, ग्राम सचिव, एडीओ पंचायत, पशु चिकित्सा अधिकारी और ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, निरीक्षण में नोडल अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिन्हें जल्द नोटिस भेजे जाने की तैयारी है।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि इसी गो संरक्षण केंद्र में पिछले वर्ष अगस्त माह में कई गोवंश मृत पाए गए थे। उस घटना के बाद संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया था। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार न होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
सीडीओ देवयानी ने स्पष्ट कहा है कि गोसंरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बड़े सवाल बरकरार
यह कार्रवाई कई अहम सवाल भी खड़े करती है—
क्या नोटिस जारी होने के बाद गोशालाओं की व्यवस्था में सुधार होगा?
या फिर लापरवाही का यह सिलसिला जारी रहेगा?
फिलहाल, प्रशासन की इस सख्ती को गोवंश संरक्षण व्यवस्था में सुधार के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन वास्तविक बदलाव आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।






