बरेली में टंकी हादसे पर बड़ी कार्रवाई: निर्माण एजेंसी NCC ब्लैकलिस्ट, करोड़ों का जुर्माना, एफआईआर दर्ज
जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी गिरने के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया है।

बरेली के आलमपुर जाफराबाद विकासखंड में 4 मई को हुई टंकी दुर्घटना के बाद जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट आते ही निर्माण एजेंसी एनसीसी (NCC) और थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विसेज पर बड़ी कार्रवाई की गई है। दोनों एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जबकि उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
जलशक्ति मंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट में निर्माण और निरीक्षण स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सरकार ने निर्माण एजेंसी NCC को काली सूची में डाल दिया है। ब्लैकलिस्ट रहने के दौरान कंपनी को प्रदेश में कोई नया सरकारी कार्य नहीं मिलेगा।
इंजीनियरों पर भी गिरी गाज
मामले में विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। जल निगम (ग्रामीण) की अधिशासी अभियंता कुमकुम को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो जूनियर इंजीनियरों पर भी कार्रवाई हुई है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात दो सहायक अभियंताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के बरेली प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से हटाकर निष्कासित कर दिया गया है।
NCC पर 5% और TPI एजेंसी पर 1% जुर्माना
शासन ने निर्माण एजेंसी NCC पर योजना की कुल लागत का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनी को अपने खर्च पर नई पानी की टंकी का निर्माण भी कराना होगा।
इसके अलावा थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी (TPI) बीएलजी कंस्ट्रक्शन सर्विसेज पर भी 1 प्रतिशत आर्थिक दंड लगाया गया है।
प्रदेशभर की टंकियों का होगा सेफ्टी ऑडिट
टंकी हादसे के बाद जलशक्ति मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में निर्मित और निर्माणाधीन पानी की टंकियों का तकनीकी सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए थर्ड पार्टी एजेंसियों से विस्तृत टेक्निकल सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
उच्च अधिकारियों को परियोजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली | LIVE BHARAT TV






