बरेली उपद्रव केस में बड़ा एक्शन: मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपियों पर शिकंजा, जल्द सजा दिलाने को बनी स्पेशल टीम
शहर में हुए चर्चित उपद्रव मामले में अब पुलिस और अभियोजन विभाग ने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की तैयारी तेज कर दी है।

बरेली। शहर में हुए चर्चित उपद्रव मामले में अब पुलिस और अभियोजन विभाग ने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की तैयारी तेज कर दी है। उपद्रव के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अब कोर्ट में तेजी से ट्रायल शुरू कराने और मजबूत पैरवी के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। यह टीम सभी साक्ष्यों को व्यवस्थित कर अभियोजन पक्ष को मजबूत करेगी, ताकि आरोपियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
बताया जा रहा है कि 26 सितंबर को कानपुर के “आई लव मुहम्मद” प्रकरण की आड़ में शहर में बड़े स्तर पर हिंसा भड़काने की साजिश रची गई थी। आरोप है कि मौलाना तौकीर रजा के नेतृत्व में हजारों की भीड़ सड़कों पर उतरी और पुलिस पर हमला कर दिया। शहर के कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और आगजनी जैसी घटनाएं हुईं। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पूरे शहर में तनाव फैल गया था।
पेट्रोल बम, एसिड और असलहों से हमला
जांच में सामने आया कि उपद्रव की तैयारी पहले से की गई थी। आरोपियों ने पेट्रोल बम और एसिड बम तैयार किए थे। पुलिस पर फायरिंग के लिए बहेड़ी क्षेत्र से अवैध असलहों की खेप भी मंगाई गई थी। हिंसक भीड़ ने पुलिस बल को निशाना बनाया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। उस दौरान तत्कालीन एसएसपी अनुराग आर्य को भी खुद मोर्चा संभालना पड़ा था। पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद उपद्रवियों को खदेड़ा गया और स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
पांच थानों में दर्ज हुए थे 10 मुकदमे
घटना के बाद पुलिस ने करीब तीन हजार अज्ञात और 125 नामजद आरोपियों के खिलाफ पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस को आशंका थी कि मौलाना के बरेली जेल में रहने से माहौल फिर बिगड़ सकता है, इसलिए 27 सितंबर को ही उसे फतेहगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
क्राइम ब्रांच कर रही दो बड़े मुकदमों की जांच
उपद्रव से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी, जिसकी जांच अब इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि कुछ मामलों में पार्ट चार्जशीट अभी दाखिल होनी बाकी है।
अब ट्रायल पर फोकस, बनाई गई विशेष टीम
पुलिस और अभियोजन विभाग अब इस पूरे मामले को “कंविक्शन मोड” में लेकर चल रहे हैं। इसके लिए बनाई गई विशेष टीम सभी वीडियो, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को व्यवस्थित कर कोर्ट में मजबूत पैरवी करेगी।
नोडल अधिकारी (कंविक्शन) अंशिका वर्मा ने बताया कि उपद्रव से जुड़े सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। अब प्राथमिकता यह है कि कोर्ट में जल्द ट्रायल शुरू हो और आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके।





