बरेली में बिजली संकट पर वन मंत्री का बड़ा एक्शन, तीन अधिशासी अभियंता हटाए गए

बरेली में बिजली संकट पर वन मंत्री का बड़ा एक्शन, तीन अधिशासी अभियंता हटाए गए
“चाहे कितनी भी कॉल कर लो, अधिकारी फोन नहीं उठाते” — ऊर्जा मंत्री को लिखे पत्र से मचा हड़कंप।
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल, बरेली / LIVE BHARAT TV
बरेली। भीषण गर्मी के बीच बरेली में गहराए बिजली संकट को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार के एक सख्त पत्र ने ऊर्जा विभाग में खलबली मचा दी है। मंत्री ने ऊर्जा मंत्री को भेजे पत्र में जिले की खराब बिजली व्यवस्था, लगातार कटौती और अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर नाराजगी जताई।
वन मंत्री ने अपने पत्र में साफ लिखा कि जिले में “भयंकर बिजली कटौती” हो रही है। लोग भीषण गर्मी में परेशान हैं, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि “चाहे कितनी भी कॉल कर लो, अधिकारी बात करने को तैयार नहीं हैं।”
मंत्री की शिकायत के बाद ऊर्जा विभाग हरकत में आया और बरेली में तैनात अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार यादव, अनिल कुमार चौहान और संजीव कुमार को हटाकर लखनऊ संबद्ध कर दिया गया। बरेली मंडल के अन्य जिलों पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में भी अधिशासी अभियंताओं पर कार्रवाई की गई है।
“घंटों नहीं, कई जगह दिनभर गुल रहती है बिजली”
बरेली शहर विधानसभा सीट से विधायक डॉ. अरुण कुमार ने पत्र में लिखा कि जिले में थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली कटौती की जा रही है। ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, आंधी-तूफान में तार टूटे पड़े हैं और पानी में करंट उतरने से हादसे भी हो चुके हैं। इंसानों के साथ पशुओं की मौतों तक की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि जनता लगातार शिकायतें लेकर उनके पास पहुंच रही है। कई इलाकों में फाल्ट घंटों तक ठीक नहीं होते और कुछ जगह पूरे दिन बिजली सप्लाई बाधित रहती है। इसके बावजूद विभागीय कर्मचारी और अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते।
“जब मंत्री का फोन नहीं उठता, तो जनता का क्या हाल होगा”
वन मंत्री ने पत्र में सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों तक के फोन नहीं उठाए जा रहे, तो आम जनता की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया, लेकिन मंत्री ने इसे विभागीय लापरवाही माना।
इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में केवल मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ही जनता की कॉल रिसीव करते हैं, जबकि जेई से लेकर अधिशासी अभियंता तक आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते।
सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार बिजली व्यवस्था में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए जल्द सख्त निर्देश जारी कर सकती है। पूर्व में मुख्य सचिव स्तर की बैठकों में भी विद्युत विभाग को जनता से बेहतर तालमेल बनाने और शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए जा चुके हैं।






