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बरेली पुलिस का ‘इंस्पेक्टर फैंग’ अब नहीं रहा, सूंघकर सुलझाए थे हत्या और लूट के कई सनसनीखेज केस

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बरेली पुलिस का ‘इंस्पेक्टर फैंग’ अब नहीं रहा, सूंघकर सुलझाए थे हत्या और लूट के कई सनसनीखेज केस
बरेली। बरेली पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम का सबसे भरोसेमंद और चर्चित सदस्य ट्रैकर डॉग “इंस्पेक्टर फैंग” अब इस दुनिया में नहीं रहा। आठ वर्ष तीन माह की उम्र में फैंग ने अंतिम सांस ली। पिछले कई महीनों से वह बीमार चल रहा था और उसका इलाज आईवीआरआई में कराया जा रहा था। गुरुवार को पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ फैंग को अंतिम विदाई दी गई।
फैंग की विदाई के दौरान माहौल भावुक हो गया। पुलिस अधिकारियों, जवानों और डॉग स्क्वायड टीम ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि दी। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि फैंग सिर्फ एक ट्रैकर डॉग नहीं, बल्कि बरेली पुलिस का बहादुर “सिपाही” था, जिसने कई जटिल मामलों के खुलासे में अहम भूमिका निभाई।
सूंघकर अपराधियों तक पहुंच जाता था फैंग
जर्मन शेफर्ड नस्ल का फैंग अपनी तेज सूंघने की क्षमता और ट्रैकिंग स्किल के लिए पूरे पुलिस विभाग में जाना जाता था। हत्या, लूट, चोरी और कई सनसनीखेज मामलों में उसने पुलिस को अपराधियों तक पहुंचाने में मदद की। कई ऐसे केस, जिनमें पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था, वहां फैंग ने अहम कड़ी जोड़कर जांच को दिशा दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फैंग को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं और केस सॉल्विंग क्षमता के आधार पर लगातार प्रमोशन दिया गया। वह वर्तमान में “इंस्पेक्टर” रैंक पर तैनात था और उसके “डिप्टी एसपी” पद पर प्रमोशन का प्रस्ताव भी भेजा गया था।
2020 में पंचकुला से आया था बरेली
एसएसपी ने बताया कि आईटीबीपी पंचकुला में नौ महीने की विशेष ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 20 अक्टूबर 2020 को फैंग को बरेली पुलिस लाइन लाया गया था। इसके बाद से वह लगातार डॉग स्क्वायड टीम का अहम हिस्सा बना रहा।
फैंग की देखरेख के लिए एक विशेष हैंडलर तैनात किया गया था। उसके रहने के लिए हवादार केनेल की व्यवस्था थी और भोजन में मटन, चिकन, अंडे, दूध, चावल और हाई क्वालिटी डॉग फूड शामिल किया जाता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैंग के खानपान और देखभाल पर हर महीने करीब 10 से 15 हजार रुपये खर्च होते थे।
पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा बन गया फैंग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ट्रैकर डॉग्स को उनके कार्यों के आधार पर रैंक दी जाती है। फैंग ने अपने सेवाकाल में जिस तरह जटिल मामलों के खुलासे में मदद की, वह पुलिस विभाग के लिए मिसाल बन गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि फैंग की वफादारी, बहादुरी और सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। बरेली पुलिस परिवार के लिए यह सिर्फ एक डॉग की मौत नहीं, बल्कि एक समर्पित साथी को खोने जैसा है।

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