खाकी से मोहभंग या सोशल मीडिया स्टंट? राजनीति में जाने की बात लिख सिपाही का कथित इस्तीफा वायरल
सांप्रदायिकता का हवाला देकर नौकरी छोड़ने की जताई इच्छा, पुलिस कर रही पत्र की प्रामाणिकता की जांच

बरेली। सोशल मीडिया पर रविवार को एक पुलिसकर्मी का कथित इस्तीफा पत्र तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। वायरल पत्र में एक हेड कांस्टेबल ने बढ़ती सांप्रदायिकता का हवाला देते हुए पुलिस सेवा छोड़कर राजनीति में जाने की इच्छा व्यक्त की है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्र की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
वायरल पत्र वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली को संबोधित बताया जा रहा है। पत्र में स्वयं को जीआरपी में तैनात हेड कांस्टेबल जमशेद बताते हुए लिखा गया है कि पुलिस की वर्दी पहनने के बाद उसे समाज में सम्मान मिला और उसने पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं। लेकिन पिछले कुछ समय से देश और प्रदेश में बढ़ रही सांप्रदायिकता के कारण वह मानसिक रूप से परेशान है।
पत्र में आगे दावा किया गया है कि वह समाज में सौहार्द और भाईचारा बढ़ाने के उद्देश्य से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। इसी वजह से उसने पुलिस सेवा से त्यागपत्र देने की बात लिखी है। पत्र पर 14 जून 2026 की तारीख अंकित है।
सूत्रों के अनुसार संबंधित हेड कांस्टेबल वर्तमान में फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनात है तथा उसकी ड्यूटी जीआरपी बरेली जंक्शन क्षेत्र में चल रही है। सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस कर रही जांच
मामले पर जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि वायरल पत्र की जांच की जा रही है। जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील वर्मा ने बताया कि संबंधित हेड कांस्टेबल उनके पास आया था, लेकिन उसे उसके मूल थाने वापस भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पत्र की प्रामाणिकता और पूरे मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस पत्र ने पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल पत्र वास्तव में संबंधित पुलिसकर्मी द्वारा लिखा गया है या नहीं।






