राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा को बरेली में बड़ा झटका, 40 से ज्यादा पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा।

जिलाध्यक्ष समेत ब्रज और मंडल स्तर के पदाधिकारी अलग हुए; आरोप—राजनीतिक दल नहीं, ट्रस्ट की तरह चलाया जा रहा संगठन
बरेली। पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा को बरेली में बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है। रविवार को मोर्चा के 40 से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इस्तीफा देने वालों ने संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मोर्चा को राजनीतिक संगठन के बजाय ट्रस्ट की तरह संचालित किया जा रहा है।
रविवार को उपजा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष अजय शर्मा, मंडल अध्यक्ष सचिन शर्मा, जिलाध्यक्ष आयेंद्र मिश्रा और महानगर अध्यक्ष एकांश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने संगठन छोड़ने की घोषणा की।
महापंचायत में शामिल होने से रोकने का आरोप
जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले आयेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि बरेली में प्रस्तावित सामान्य वर्ग की महापंचायत में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शामिल होने से रोका गया। उनका कहना है कि संगठन के भीतर जातिगत आरक्षण से जुड़े मुद्दों को उठाने से भी मना किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से नाराज होकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संगठन से अलग होने का फैसला किया।
संगठन की संरचना और आर्थिक गतिविधियों पर उठाए सवाल
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने दावा किया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण नहीं कराया गया है और इसे ट्रस्ट के स्वरूप में संचालित किया जा रहा है।
आयेंद्र मिश्रा ने संगठन की आर्थिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने विदेश से धन आने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और खबर लिखे जाने तक संगठन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
फरवरी में अलंकार अग्निहोत्री ने किया था मोर्चा का ऐलान
बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी सेवा से इस्तीफा देने के बाद फरवरी में वृंदावन से राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के गठन का ऐलान किया था।
उस समय उन्होंने कहा था कि संगठन राष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक विकल्प के रूप में काम करेगा और संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों को प्रमुखता से उठाएगा।
अलंकार अग्निहोत्री ने संविधान की मूल प्रति में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने से संबंधित चित्र का उल्लेख करते हुए रामराज्य और नागरिक अधिकारों के मुद्दे को संगठन की विचारधारा से जोड़ा था।
26 जनवरी को दिया था प्रशासनिक पद से इस्तीफा
अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम और यूजीसी के मुद्दों को अपने निर्णय का कारण बताया था।
इस्तीफे के बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद शासन स्तर से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई थी। कुछ समय बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में उतरते हुए राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के गठन की घोषणा कर दी थी।
अब बरेली में एक साथ 40 से ज्यादा पदाधिकारियों के इस्तीफे ने नए संगठन के सामने आंतरिक असंतोष और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल, बरेली





