बरेली में “किसानों का अल्टीमेटम…फसल का दाम पहले, मीटर बाद में नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

बरेली। किसानों के घरों पर बिना सहमति जबरन प्रीपेड बिजली मीटर लगाने के विरोध में गुरुवार को किसान एकता संघ सड़क पर उतर आया। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण निगम, बरेली मंडल को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान परिवारों पर प्रीपेड मीटर थोपना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं। अगर ऐसा होता है तो वह लोग बड़ा आंदोलन करेंगे।
किसानों की फसलों का भुगतान ही महीनों–महीनों अटका रहता है, तब घरों में प्रीपेड मीटर लगाए जाने का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा“पहले गन्ना व अन्य फसलों के दाम ‘प्रीपेड’ करो, फिर किसानों से प्रीपेड मीटर की बात करना। छह महीने में होने वाली आय से किसान रोजाना मीटर रिचार्ज कैसे करेगा?”उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान कई बार एक-एक वर्ष तक लटका रहता है। ऐसे में बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड मीटर की जबरन स्थापना किसानों के सीधे शोषण के बराबर है। संगठन ने मांग की कि किसान परिवारों के घरों पर प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए, अन्यथा किसान एकता संघ बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव यज्ञ प्रकाश गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश चौधरी शेर अली जाफरी, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा पंडित राजेश शर्मा,
मंडल अध्यक्ष बहुरन लाल गुर्जर, मंडल महासचिव डॉ. अंशु भारती, राजेंद्र खलीफा, महेंद्र पाल लोधी, जिला मीडिया प्रभारी संजय पाठक आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।






