गौ संरक्षण योजना पर घोटाले की मार! चारा न मिलने से चार गौवंशों की मौत

बरेली। सरकार की महत्वाकांक्षी गौ संरक्षण योजना को ज़मीनी स्तर पर किस तरह पलीता लगाया जा रहा है, इसका सनसनीखेज उदाहरण बरेली से सामने आया है। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के क्षेत्र अंतर्गत मझगंवा विकास खंड के ग्राम अनुरुद्धपुर स्थित बृहद गौआश्रय स्थल में चारा व देखभाल के अभाव में चार गौवंशीय पशुओं की मौत हो गई। इस घटना ने पंचायत स्तर पर चल रहे चारा घोटाले की परतें खोल दी हैं।
निरीक्षण में खुला राज, गौवंश मिले मृत
ग्राम पंचायत अनुरुद्धपुर की सचिव शिप्रा सिंह ने थाना अलीगंज में दी गई तहरीर में बताया कि 14 जनवरी की शाम उन्होंने अपने साथी सचिव हेमंत श्याम के साथ गौआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चार गौवंशीय पशु मृत अवस्था में पाए गए, जबकि अन्य पशुओं की हालत भी दयनीय थी।
सरकारी धन का दुरुपयोग, चारा तक नहीं मंगाया गया
तहरीर के अनुसार गौशाला में चारा, दवा और देखभाल के लिए सरकार द्वारा नियमित रूप से धन आवंटित किया जाता है, लेकिन ग्राम प्रधान रचना देवी, उनके पति दिनेश कुमार, और गौशाला के केयरटेकर द्वारा न तो चारा मंगाया गया और न ही पशुओं की समुचित देखभाल की गई।
सरकारी धन का निजी उपयोग किया गया, जिसका सीधा नतीजा बेजुबान पशुओं की मौत के रूप में सामने आया।
कागज़ों में चल रही थी गौशाला!
ग्रामीणों का आरोप है कि गौआश्रय स्थल सिर्फ कागज़ों में संचालित किया जा रहा था। जमीनी हकीकत बेहद शर्मनाक थी न चारा, न इलाज, न देखभाल… और अंततः चार गौवंशों की मौत। इस पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधान पति की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
सचिव शिप्रा सिंह की तहरीर पर थाना अलीगंज पुलिस ने ग्राम प्रधान रचना देवी, उनके पति दिनेश कुमार, तथा केयरटेकर के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 325 व 316 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हिंदू संगठनों का हंगामा, प्रशासन हरकत में
बुधवार को जैसे ही मामले की जानकारी हिंदू संगठनों को हुई, उन्होंने गौआश्रय स्थल में प्रवेश का प्रयास किया।
रोके जाने पर हंगामा हुआ, जिसके बाद मौके पर एडीएम पूर्णिमा सिंह, एसडीएम विदुषी सिंह ने पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां गौवंशों की दयनीय हालत देखी और चार पशु मृत पाए गए।
उच्चस्तरीय जांच के आदेश
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन दिया। फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





