मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने योगी आदित्यनाथ को बताया देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री, बोले— यूपी पूरी तरह दंगा मुक्त
बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि यदि देश के सभी मुख्यमंत्रियों के कामकाज की तुलना की जाए, तो योगी आदित्यनाथ का प्रशासनिक मॉडल सबसे अलग और प्रभावी नजर आता है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने अन्य राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि असम में मुख्यमंत्री हेमंत कुमार बिस्वा सरमा के सत्ता में आने के बाद करीब 1200 मदरसों को बंद कराया गया, जिससे मदरसा शिक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर प्रताड़ित किया गया। इसी तरह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर मुसलमानों को उकसाने का प्रयास किया गया, दो दर्जन से अधिक मदरसों पर ताले लगाए गए और 125 से ज्यादा सूफी संतों की मजारों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।
इसके विपरीत उत्तर प्रदेश के हालात का जिक्र करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे कार्यकाल में कभी भी मुसलमानों को टारगेट नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी मदरसे को बंद किया गया और न ही किसी मजार पर बुलडोजर चलाया गया। जो कुछ सीमित कार्रवाइयां हुईं, वे न्यायालय के आदेशों के तहत की गईं, न कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर।
मौलाना ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के शासन की सबसे बड़ी विशेषता मजबूत कानून व्यवस्था है, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश आज पूरी तरह दंगा मुक्त है। इसी कारण बड़ी संख्या में मुसलमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पसंद करते हैं और उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योगी सरकार प्रदेश के हर नागरिक के विकास के लिए काम कर रही है, चाहे वह किसी भी धर्म या वर्ग से हो।
उन्होंने मुख्यमंत्री के जनता दरबार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं। जनता दरबार की तस्वीरों और वीडियो में बुर्का पहने महिलाएं मुख्यमंत्री के सामने बैठी दिखाई देती हैं। वहीं, छोटे-छोटे मुस्लिम बच्चे भी स्कूल में दाखिले के लिए मुख्यमंत्री से मदद मांगते हैं और योगी आदित्यनाथ सभी की समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा दिलाते हैं।






