वैशाली मुठभेड़: सोना लूट गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

बिहार के वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित दिघी हनुमान नगर कॉलोनी में शुक्रवार को हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया अपराधी त्रिलोकी उर्फ रिशु लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार वह अंतरराज्यीय सोना लूट गैंग का अहम सदस्य रहा है और कई गंभीर वारदातों में उसकी भूमिका सामने आ चुकी है।
इस मुठभेड़ में बिहार STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात सोना लुटेरे प्रिंस उर्फ अभिजीत को मार गिराया था। वहीं, मौके से फरार होने की कोशिश कर रहे उसके साथी त्रिलोकी उर्फ रिशु को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी, जिसके बाद टीम ने इलाके को घेरकर ऑपरेशन चलाया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए। घटनास्थल से तीन पिस्टल, 40 जिंदा कारतूस, 29 खोखा और पांच मैगजीन जब्त की गई हैं। इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि शनिवार को एसपी विक्रम सिहाग ने प्रेस बयान जारी कर की।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी त्रिलोकी उर्फ रिशु पटला के आलमगंज इलाके का रहने वाला है। उसके खिलाफ लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह किन-किन राज्यों में सक्रिय गिरोहों के संपर्क में था और किन घटनाओं में शामिल रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पर पहले भी गंभीर अपराध के आरोप लग चुके हैं। वर्ष 2025 में आलमगंज थाना क्षेत्र के धवलपुरा इलाके में लक्ष्मी देवी और सिंगाली कुमारी की गोली मारकर हत्या करने का मामला भी उससे जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस अब इस केस सहित अन्य लंबित मामलों में उससे पूछताछ कर रही है।
मारे गए अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत पर कई राज्यों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज थे। उस पर इनामी राशि भी घोषित थी और वह लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। पुलिस के अनुसार वह पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
बताया जाता है कि प्रिंस अंतरराज्यीय सोना लूट गिरोह से जुड़ा था और कई बड़े ज्वेलरी लूट मामलों में उसका नाम सामने आ चुका था। STF काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसे पकड़ने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, नेटवर्क और पुराने मामलों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह के पास अवैध हथियारों की सप्लाई कहां से हो रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय सोना लूट नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई तेज की जाएगी।






