बरेली में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खुलासा, घी-तेल से चाय तक सब संदिग्ध

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से की गई छापेमारी के बाद भेजे गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। झांसी स्थित राजकीय प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में घी, रिफाइंड तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट पाई गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार देशी घी, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, धनिया-हल्दी पाउडर जैसे रोजमर्रा के उपयोग वाले खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी मिली है, जबकि कुछ नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है।
मसालों और खाद्य सामग्री में खतरनाक केमिकल
जांच में सामने आया कि:
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चटपटा पास्ता मसाले में लंप्स और फंगल ग्रोथ पाई गई
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भुने चने में औरामाइन रंग का इस्तेमाल मिला
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तीखे मिर्च पाउडर में सूडान-2 और सूडान-3 जैसे प्रतिबंधित रंग पाए गए
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चायपत्ती में सनसेट यलो रंग की मिलावट पाई गई
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धनिया और हल्दी पाउडर को भी असुरक्षित घोषित किया गया
इन सभी मिलावटी तत्वों का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अलग-अलग स्थानों से लिए गए नमूने
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार विभिन्न तिथियों पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से नमूने लिए गए थे:
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2 जुलाई 2025 को परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एचएन फूड प्रोडक्ट से पास्ता मसाले का नमूना लिया गया, जो जांच में असुरक्षित निकला।
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16 दिसंबर 2025 को श्यामगंज की मूर्ति इंटरप्राइजेज से भुने चने का नमूना लिया गया, जिसमें औरामाइन रंग पाया गया।
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15 अक्टूबर 2025 को बिथरी चैनपुर रोड स्थित नरियावल के बाला जी ट्रेडर्स से रिफाइंड सोयाबीन ऑयल का नमूना लिया गया, जो अधोमानक पाया गया।
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3 फरवरी को सिविल लाइंस क्षेत्र में दीपक स्वीट्स एंड आइसक्रीम प्रा. लि. से घी का नमूना लिया गया, जो गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा।
कई उत्पाद अधोमानक, कुछ पूरी तरह असुरक्षित
रिपोर्ट में घी और रिफाइंड ऑयल समेत कई उत्पादों को अधोमानक (Substandard) घोषित किया गया है, जबकि चायपत्ती, धनिया और हल्दी पाउडर जैसे उत्पादों को असुरक्षित (Unsafe) श्रेणी में रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सख्त जांच अभियान जारी रहेगा।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
खाद्य पदार्थों में पाए गए रसायन जैसे सूडान डाई, औरामाइन और कृत्रिम रंग कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और केवल प्रमाणित एवं विश्वसनीय ब्रांड के उत्पादों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।






