बरेली: दुष्कर्म आरोपी को नाबालिग दिखाने का फर्जीवाड़ा, प्रधानाचार्य समेत तीन पर केस
बरेली में दुष्कर्म आरोपी इनायत हुसैन को नाबालिग दिखाने के लिए फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट पेश करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी, उसके पिता और स्कूल की प्रधानाचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म के आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी इनायत हुसैन, उसके पिता साबिर हुसैन और एक स्कूल की प्रधानाचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए अदालत में फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और गलत जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज पेश किए गए थे।
किशोरी को बहलाकर ले जाने का आरोप
मामले के अनुसार, एक किशोरी को इनायत हुसैन बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने इनायत और उसके पिता साबिर हुसैन के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
जब पुलिस ने किशोरी को बरामद किया, तो उसने इनायत हुसैन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
कोर्ट में आरोपी को बताया गया नाबालिग
जांच के दौरान आरोपी के पिता साबिर हुसैन ने दावा किया कि उसका बेटा नाबालिग है। इसी आधार पर मामला जुवेनाइल कोर्ट में चला गया।
कोर्ट में यह कहा गया कि इनायत की जन्मतिथि 8 सितंबर 2009 है और वह केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। इस दावे के समर्थन में भोले शंकर धर्मार्थ माता कमला देवी विद्यालय से जारी कक्षा पांच तक की टीसी भी अदालत में प्रस्तुत की गई।
जांच में सामने आई असली जन्मतिथि
हालांकि, पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी की वास्तविक जन्मतिथि 23 फरवरी 2005 है। यह जन्मतिथि उसके कक्षा आठ के दस्तावेजों और टीसी में दर्ज पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड हैं, जिनमें जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज है। इस खुलासे के बाद मामला फिर से मुख्य अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां फिलहाल इसकी सुनवाई चल रही है।
प्रधानाचार्य पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपी को बचाने के लिए उसके पिता और स्कूल प्रशासन के बीच साठगांठ हुई। उन्होंने दावा किया कि स्कूल की प्रधानाचार्य ने जानबूझकर गलत दस्तावेज तैयार किए और अदालत में बयान देकर आरोपी को नाबालिग साबित करने की कोशिश की।
जांच के दौरान जब यह मामला सामने आया तो प्रधानाचार्य ने दोनों अलग-अलग जन्मतिथियों के बारे में स्वीकार किया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पीड़िता के पिता सभी दस्तावेज और प्रमाण लेकर थाने पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी इनायत हुसैन, उसके पिता साबिर हुसैन और स्कूल की प्रधानाचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर में प्रधानाचार्य का नाम सीधे तौर पर नहीं था, लेकिन जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आने पर विवेचना में उनका नाम शामिल किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी दस्तावेजों की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है।






