No Slide Found In Slider.
बरेली

तालाब में सीवर पानी मामला: हाईकोर्ट सख्त, DM बरेली से मांगा जवाब

No Slide Found In Slider.

प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बरेली जिले के ग्राम पंचायत दोहरा में तालाब में सीवर का गंदा पानी छोड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मुद्दे पर जिलाधिकारी बरेली, ग्राम पंचायत दोहरा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने डॉ. संजय पटेल द्वारा दाखिल जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल निर्धारित की है।

याचिका में कहा गया है कि गांव के तालाब में लगातार सीवर का दूषित पानी डाला जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, बावजूद इसके अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

याची के अनुसार, इस मामले की शिकायत पहले ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी जा चुकी है। इसके बाद बोर्ड ने 19 जुलाई 2025 को बिथरी चैनपुर के खंड विकास अधिकारी (BDO) से रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

हाई कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने संकेत दिया कि यदि समय पर जवाब और कार्रवाई नहीं हुई तो मामले में सख्त रुख अपनाया जा सकता है।

यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और पर्यावरणीय सुरक्षा के प्रति उदासीनता को उजागर करता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए इस गंभीर समस्या का समाधान कैसे करते हैं।

No Slide Found In Slider.

Live bharat TV

Related Articles

Back to top button