आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोपों से मचा हड़कंप, देव प्राइमस अस्पताल की जांच शुरू

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोपों से मचा हड़कंप, देव प्राइमस अस्पताल की जांच शुरू
रिपोर्ट देवेंद्र पटेल
बरेली। पीलीभीत बाइपास स्थित देव प्राइमस अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज में अनियमितता और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच समिति गठित कर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. मनीष गोयल की ओर से मंडलायुक्त और सीएमओ को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से उपचार के नाम पर नियमों के विपरीत धनराशि वसूली जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि जिन सुविधाओं और इलाज को आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क होना चाहिए, उनके लिए भी मरीजों और तीमारदारों से मोटी रकम ली जा रही है।
सीएमओ कार्यालय की ओर से एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित और डॉ. रजनीकांत की संयुक्त समिति बनाकर जांच शुरू करा दी गई है। जांच में आयुष्मान योजना की टीम को भी शामिल किया गया है ताकि वित्तीय और चिकित्सकीय दोनों पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गंभीर हालत में एंबुलेंस से लाए गए मरीजों को आईसीयू में भर्ती कर उनके परिजनों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बनाया जाता है। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन इलाज और अन्य सेवाओं के नाम पर अवैध तरीके से रकम वसूल रहा था।
गौरतलब है कि मंगलवार को भी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल एक मरीज के इलाज को लेकर अधिक पैसे मांगने के आरोप में जमकर हंगामा हुआ था। तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर मनमानी बिलिंग और इलाज में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
अब जांच समिति अस्पताल के दस्तावेज, मरीजों के बिल, आयुष्मान क्लेम रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया की बारीकी से जांच करेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।






