घनी आबादी के बीच धधक रहा अवैध ईंट भट्टा, केमिकल और माइक्रो प्लास्टिक से पक रहीं ईंटें

घनी आबादी के बीच धधक रहा अवैध ईंट भट्टा, केमिकल और माइक्रो प्लास्टिक से पक रहीं ईंटें
बरेली में अधिकारियों की अनदेखी से फल-फूल रहा प्रदूषण का कारोबार, ग्रामीणों का जीना हुआ दूभर
बरेली, संवाददाता।
जनपद बरेली की तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम नथुरामपुरा में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि घनी आबादी के बीच संचालित इस भट्टे में कोयले के बजाय केमिकल युक्त कचरा और माइक्रो प्लास्टिक जलाकर ईंटें पकाई जा रही हैं, जिससे जहरीला धुआं निकल रहा है और पूरे गांव का वातावरण प्रदूषित हो चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि भट्टे से निकलने वाले धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले की शिकायत ग्रामीणों के साथ-साथ ग्राम प्रधान द्वारा भी कई बार जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में उप जिलाधिकारी सदर ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और तहसील प्रशासन को जांच के निर्देश दिए थे। इसके संबंध में कार्यालय उप जिलाधिकारी सदर, बरेली से पत्रांक 2587/एस0टी0:2024 जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि ग्राम नथुरामपुरा में अवैध रूप से ईंट भट्टा संचालित होने और जहरीले धुएं से आबादी प्रभावित होने की शिकायत प्राप्त हुई है।
पत्र में क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं तहसीलदार सदर को निर्देशित किया गया था कि मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करें। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने केवल “स्थलीय निरीक्षण” की बात कहकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया और उसके बाद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
गांव के लोगों का कहना है कि भट्टे संचालकों और संबंधित विभागों के बीच कथित सांठगांठ के चलते अवैध कारोबार लगातार जारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शासन से मांग की है कि आबादी के बीच संचालित अवैध ईंट भट्टे को तत्काल बंद कराया जाए तथा पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।






