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उत्तरप्रदेश

बदायूं HPCL हत्याकांड: CM योगी का बड़ा एक्शन, SIT गठित, SSP हटाए गए

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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह वारदात गुरुवार को बदायूं जिले के सेंजनी गांव स्थित HPCL प्लांट में हुई। प्रारंभिक जांच के मुताबिक इस हत्याकांड को कंपनी के पूर्व वेंडर अजय प्रताप सिंह ने अंजाम दिया। पुलिस ने घटना के बाद सक्रिय कार्रवाई करते हुए आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

SSP हटाए गए, नई कप्तान की तैनाती

घटना की गंभीरता को देखते हुए शासन ने तत्काल प्रभाव से बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया है। उनकी जगह आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा को जिले का नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

ब्लैकलिस्ट होने के बाद आरोपी में थी नाराजगी

पुलिस के अनुसार आरोपी अजय प्रताप सिंह HPCL प्लांट में पराली सप्लाई करने का वेंडर था। लगभग छह महीने पहले कंपनी ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद से वह अधिकारियों से नाराज चल रहा था और लगातार खुन्नस पाले हुए था।

बताया जा रहा है कि आरोपी भी सेंजनी गांव का ही रहने वाला है, जहां यह प्लांट स्थित है। गुरुवार को वह अचानक प्लांट में घुस आया और वहां मौजूद दो वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

दो अधिकारियों की मौके पर मौत

हमले में HPCL के डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) सुधीर गुप्ता और डिप्टी जीएम हर्षित मिश्रा को गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। सुधीर गुप्ता नोएडा के निवासी थे, जबकि हर्षित मिश्रा उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से ताल्लुक रखते थे।

घटना के दौरान प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुई गोलीबारी से अधिकारी, कर्मचारी और मजदूरों में भगदड़ की स्थिति बन गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित की गईं। बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

मृतक अधिकारियों के परिजनों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों को पहले से ही जान का खतरा था और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज

इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आंवला के पूर्व सांसद और भाजपा नेता धर्मेंद्र कश्यप ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए प्लांट में एक विशेष वर्ग के लोगों के वर्चस्व का आरोप लगाया और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

मुख्यमंत्री योगी का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए बरेली मंडलायुक्त की अध्यक्षता में SIT का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन यदि जांच में किसी बड़ी साजिश की आशंका सामने आती है तो सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी।

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